समोसे, कचौरी, बिस्किट्स, भटूरे को खाते वक्त एक बार भी नहीं सोचते कि इससे बनाने में इस्तेमाल की गई चीज़ें और प्रक्रिया दोनों ही सेहत के लिए कितनी अनहेल्दी हैं। मैदे से बनी चीज़ों को खाने से वजन तो तेजी से बढ़ता ही है साथ ही दिल से जुड़ी कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। आइए डाल देते हैं इस पर एक नजर।

1. पाचन की समस्याएं

मैदे से निर्मित चीज़ें हमारी आंतों में चिपक जाते हैं, जिससे डाइजेशन बिगड़ने लगता है और धीरे-धीरे कब्ज़, एसिडिटी, पेट दर्द जैसी समस्याएं घर करने लगती हैं। इसकी वजह ये है कि मैदा में फ़ाइबर की बिल्कुल भी मात्रा शामिल नहीं होती और इसी वजह से इसे पचने में बहुत ज्यादा वक्त लगता है। डाइजेशन पर तो असर डालता ही है साथ ही इससे मेटाबॉलिज़्म भी धीमा हो जाता है। जिससे मोटापा बढ़ने लगता है और कई लोगों में सिर दर्द की समस्या भी देखने को मिलती है।

2. एसिडिटी

मैदा बहुत ही ज्यादा चिकना होता है जिससे हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम इसे ठीक से डाइजेस्ट नहीं कर पाता, जिसकी वजह से एसिडिटी होने के संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। एसिडिक फूड्स का सीधा असर हमारी हड्डियों पर पड़ता है। हड्डियों से कैल्शियम ख़त्म होने से हमारी बोन डेंसिटी कम होती जाती है, जो गठिया और सूजन जैसी बीमारियों की वजह बनती है।

3. ब्लड शुगर

मैदे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत हाई होता है तो जब आप मैदे से बनी चीज़ें खाते हैं तो बॉडी में ग्लूकोज़ का लेवल बढ़ जाता है। इसकी वजह से अग्नाशय एकदम से एक्टिव हो जाता है और काफी ज्यादा मात्रा में इंसुलिन रिलीज़ करने लगता है। तो मतलब अगर आपके खानपान में मैदे की बहुत ज्यादा मात्रा रहती है तो इसे बंद कर दें। क्योंकि इससे धीरे-धीरे इंसुलिन का प्रॉडक्शन कम होते जाएगा नतीजा आप डायबिटीज के मरीज बन सकते हैं।

Pic credit- unsplash 

Edited By: Priyanka Singh