दीपावली का जिक्र छिड़े और मिठाइयों की बात न हो, ऐसा हो नहीं सकता। आमतौर पर मिठाइयों में चीनी का इस्तेमाल होता है। चीनी उन लोगों के लिए हानिकारक है, जो डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त हैं। इस स्थिति में लो कैलोरी स्वीटर्नस का इस्तेमाल बढ़ जाता है।

देश में हर त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है और फिर दिवाली की तो बात ही कुछ औऱ है। हम लोग त्योहार के दिन कुछ न कुछ मीठा अवश्य बनाते हैं। इस कारण त्योहार का उत्साह दोगुना हो जाता है। दिवाली पर हम पारंपरिक भारतीय मिठाइयां भी जरूर बनाते हैं। ये मिठाइयां, मिठाइयों की दुकानों के साथ-साथ घरों में भी तैयार की जाती हैं।

स्वीटनर्स के लाभ

कुछ साल से लो कैलोरी स्वीटनर्स की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। जिन लोगों को चाय और काफी पीना ज्यादा पसंद है, वो लोग भी लो कैलोरी स्वीटनर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आजकल लोग शक्कर की जगह लो कैलोरी स्वीटनर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। लो कैलोरी स्वीटनर्स डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं। यह न केवल मरीजों के लिए फायदेमंद है, बल्कि इसका सेवन नॉर्मल व्यक्ति के लिए भी फायदेमंद है। लो कैलोरी स्वीटनर्स वजन कंट्रोल रखने और मोटापे से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान में आपकी मदद करता है। ऐसे स्वीटनर्स हर तरह से बेहतर है, क्योंकि इसकी गुणवत्ता की जांच अच्छी तरह से की जाती है।

चीनी के इस्तेमाल के नुकसान

दिवाली के समय मिठाइयों की बिक्री और खपत काफी बढ़ जाती है। हालांकि, हम सभी यह जानते हैं कि इन मिठाइयों में मिठास के लिए चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादा मात्रा में मीठा खाने से जो लोग पहले से ही डायबिटीज से ग्रस्त है, उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और अन्य बीमारियों के उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाता है।

Posted By: Priyanka Singh

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