नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Diabetes: अगर आप रोज़ कम से कम आधा घंटा भी वॉक कर लेते हैं, तो इससे सेहत को क्या-क्या फायदों हो सकते हैं इससे आप अच्छी तरह वाकिफ हैं। खासतौर पर रात में खाना खाते ही लेट जाने से बेहतर है कि 10-15 थोड़ा वॉक कर लें। इससे आप खुद हल्का महसूस करेंगे। हाल में इस छोटी-सी एक्टिविटी को लेकर एक रिसर्च की गई।

स्पोर्ट्स मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक मेटा-विश्लेषण ने हृदय स्वास्थ्य, इंसुलिन और रक्त शर्करा के स्तर पर बैठे रहने और खड़े होने / चलने के प्रभाव की तुलना की है। स्टडी में पाया गया कि लंबे समय तक बैठे रहने की जगह अगर हर थोड़ी देर में ब्रेक लेकर चल लिया जाए, तो इससे काफी फायदा पहुंचेगा।

खराब सेहत की वजह खराब लाइफस्टाइल 

अगर आप दिन में ज़्यादातर समय लंबे समय तक बैठे या लेटे रहते हैं, तो इसका असर आपकी सेहत पर ज़रूर पड़ेगा। अगर आप आधा घंटा भी चल लेते हैं, तो इससे आपकी बॉडी एक्टिव रहती है और आप कोलेस्ट्रॉल या ब्लड शुगर के हाई लेवल जैसी समस्या से कम जूझते हैं।

अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करना ज़रूरी है

अगर आपका काम लंबे समय तक बैठे रहने का है, तो आपको लगातार बैठने से बचना चाहिए। हर थोड़ी-देर में ब्रेक लेना आपकी सेहत को फायदा ही पहुंचाएगा और यह आप खुद महसूस भी करेंगे। स्टडी में पाया कि अगर आप दिनभर में 10 ब्रेक भी लेते हैं, तो इससे आपके ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन, ग्लूकोज़, ट्राइग्लिसराइड्स और कमर के आकार पर पॉज़ीटिव असर पड़ता है।

स्टडी में क्या पाया गया?

लंबे समय तक बैठने के बजाय कम समय तक खड़े रहने से पोस्टप्रांडियल ग्लूकोज़ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह भी पाया गया कि कुछ देर की सैर भी ग्लूकोज़ और इंसुलिन के प्रभाव को कम करती है।

इस स्टडी से आपको क्या समझना चाहिए?

कई लोग जिम या फिर वर्कआउट करने की जगह वॉक को अहमियत देते हैं। अगर आप उनसे इस बारे में सवाल करेंगे, तो वे यही कहेंगे कि वॉक करना ज़्यादा आसान है और साथ ही वर्कआउट सुबह-सुबह करने के लिए समय नहीं है। हालांकि, यह स्टडी खासकर उन लोगों के लिए खुशखबरी लाई है, जो डायबिटीज़ जैसे रोग से जूझ रहे हैं।

आपके लिए ऑफिस में काम करते समय भागने या जॉगिंग करना मुमकिन नहीं है, लेकिन अपनी सीट से उठकर कॉफी लें या फिर किसी सहकर्मी से बात कर लें या फिर यूं ही ऑफिस का एक चक्कर मार लें।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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Edited By: Ruhee Parvez