नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus Prevention: कोरोना वायरस महामारी के कुछ महीनों बाद से ही कई वैक्सीन के लॉन्च होने की बात हम सुनते आ रहे हैं। हम सभी ये ज़रूर चाहते हैं कि वैक्सीन जल्द से जल्द आए, लेकिन साथ ही इस बात को लेकर चिंतित भी हैं कि वह कितनी सुरक्षित और कारगर साबित होगी। हम ये जानते हैं कि जो वैक्सीन सबसे पहले आएगी वो अधिक सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी। साथ ही पूरी दुनिया के सभी लोगों को वैक्सीन मिलने में दो से तीन साल लग जाएंगे।    

हाल ही में वैक्सीन से जुड़े कई साइड-इफेक्ट्स सामने आए हैं, फिर चाहे वो ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन हो या फिर रूस की। जिसकी वजह से लोगों के बीच इसको लेकर डर बढ़ गया है। साथ ही अभी ये भी साफ नहीं है कि सिर्फ एक वैक्सीन मानव जाति को कयामत से बचाने में सक्षम होगी या नहीं। अभी आने वाले कई सालों तक हमें शारीरिक दूरी, साफ-सफाई और मास्क पहनना जारी रखना होगा।  

सीडीसी यानी डायरेक्टर्स ऑफ सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। सीडीसी के डायरेक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने कबा कि वैक्सीन कुछ हद तक इस वायरस से हमें बचाने में मदद करेगी, लेकिन इससे बेहतर सुरक्षित आपके फेस मास्क प्रदान कर रहे हैं। इसलिए कोरोना से बचने के लिए सावधानियां बरतनी बेहद ज़रूरी हैं।

क्या वैक्सीन से बेहतर विकल्प हैं मास्क?

मास्क और वैक्सीन दो बिल्कुल अलग चीज़ें हैं और अलग से काम भी करते हैं। इन दोनों की तुलना सही नहीं है, लेकिन इस वक्त महामारी को रोकने के लिए मास्क का उपयोग हमारी काफी मदद कर सकता है। वास्तव में, मास्क का उपयोग करने से भविष्य में वैक्सीन बनाने वालों का काम आसान हो सकता है।

शुरुआती वैक्सीन सबसे सुरक्षित नहीं होगी। उससे होने वाले साइड-इफेक्ट्स के दुष्प्रभावों का जोखिम हमेशा बना रहेगा। इस वक्त ऐसी वैक्सीन की उम्मीद करना जो बिलकुल कारगर साबित हो, मुमकिन नहीं है। 

इसकी तुलना में, अभी उपलब्ध मास्क ज्यादातर सुरक्षित हैं और उपयोग करने के लिए बहुत कम सटीकता की आवश्यकता होती है। मास्क का वितरण और उपयोग करना भी सस्ता है, वहीं शुरुआती वैक्सीन को उपलब्ध कराने की तुलना में मास्क अधिक किफायती हैं।

मास्क पहनना सबसे सुरक्षित और संक्रमण के जोखिम से बचाव का सबसे अच्छा तरीका हो सकता है। यहां तक कि मास्क हर उम्र के इंसान के लिए फायदेमंद है। 

मास्क कितनी सुरक्षा दे सकते हैं?

सीडीसी के दिशानिर्देश बताते हैं कि मास्क पहनना कोरोना वायरस के संक्रमण का जोखिम काफी कम हो जाता है। मास्क का उपयोग प्रभावी ढंग से लार की मात्रा को कम करता है, खासकर जब कोई कमरे में खांसता या छींकता है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर बीमार लोग मास्क पहनते हैं, तो बाकी सभी लोग बेहतर तरीके से सुरक्षित रहेंगे।

लेकिन ये भी ज़रूरी है कि आप मास्क सही तरीके से पहन रहे हों, यानि मास्क किस तरह का है, ढीला तो नहीं है और चेहरे पर अच्छे से फिट हो रहा है या नहीं। मास्क कोरोना को फैलने से रोकने में कुछ हद तक मदद कर सकता है। मास्क पहनने से अलक्षणी लोगों से भी संक्रमण का ख़तरा कम हो जाता है।

इसलिए, आप चाहे बीमार हैं या नहीं, या लक्षण दिख रहे हैं या नहीं, मास्क पहनना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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