नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus & Meat Products: कोरोना वायरस या nCoV ने दुनियाभर में 3000 से ज़्यादा जानें ले ली हैं। वहीं, 91,000 से ज़्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ये वायरस अभी तक कुल 70 देशों में फैल चुका है, वहीं भारत में अभी तक इसके 6 से अधिक केस सामने आ चुके हैं।

इसे देखते हुए WHO ने पहले ही कोरोना वायरस के प्रकोप को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। इसमें कोई शक़ नहीं कि ये वायरस बेहद ख़तरनाक है, लेकिन इससे भी ज़्यादा खतरनाक हैं इससे जुड़े मिथक, जो तेज़ी से फैल रहे हैं। खासकर खाने से जुड़े कई तरह के मिथक सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। इनकी वजह से लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि क्या खाएं और क्या नहीं।

क्या सीफूड खाना सुरक्षित है?

कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई, जहां ऐसे बाज़ार हैं, जहां लोग अक्सर मीट खरीदने आते हैं। इस मार्केट में सभी तरह के मीट बेचे और खरीदे जाते हैं। यहां मुर्गा, सीफूड, बकरा, भेड़, सुअर और यहां तक कि सांप का मीट भी बिकता है। यही वजह है कि भारत में लोग सीफूड खाने से भी बच रहे हैं, हालांकि इस बारे में कोई पुख्ता वैज्ञानिक शोध नहीं है, जिससे दोनों के बीच संबंध स्थापित किया जा सके।  

क्या ये वायरस चमगादड़ के मांस से पैदा हुआ है?

कुछ समय पहले चीन के एक व्लॉगर ने चमगादड़ का सूप पीते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया था। इसने ऐसे कई दावों को जन्म दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि चमगादड़ के मांस के माध्यम से कोरोना वायरस फैल रहा है, जो वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि सच भी हो सकता है, हालांकि इस बात की कोई पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। 

कोरोना वायरस एक ज़ूनॉटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। हालांकि, बैट मीट को लेकर कई दावे किए गए हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी स्थापित नहीं हो पाया है। वैज्ञानिक आज भी चमगादड़, सांप और कोरोना वायरस के बीच संबंध को ढूढ़ने में लगे हुए हैं। 

क्या मांसाहारी भोजन से भी होता है कोरोना वायरस?  

क्योंकि ये वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है, इसलिए एक और गलत धारणा है, जो आजकल लोगों के बीच काफी आम हो रही है, वह है मांसाहारी खाने से दूरी बनाना। 

लोगों को यह समझने की ज़रूरत है कि अब तक इस विषय में कुछ भी स्थापित नहीं हो पाया है और भारत में मांसाहारी खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। आपको सिर्फ एक चीज़ का ध्यान रखने की ज़रूरत है और वह यह है कि मांस को हाइजीनिक रूप से पकाया गया हो और वह कच्चा न हो, जो कि जानवरों के मांस के ज़रिए हो रही किसी भी बीमारी को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।

Posted By: Ruhee Parvez

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