नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोना काल में खांसी और सांस लेने में तकलीफ है तो उसका सीधा संबंध कोरोना से है। लेकिन अगर आपको लंबे समय से खांसी है और सांस लेने में तकलीफ होती है? तो आप इस परेशानी को नज़रअंदाज नहीं करें। ये क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर हो सकता है। क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज या सीओपीडी, बीमारियों का एक समूह है, जिसमें रोगी को सांस लेने में मुश्किल होती है। इसमें मरीज को लगातार खांसी आती है, जैसे किसी धूम्रपान करने वाले को होती है।

क्या है क्रानिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज

सीओपीडी श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। इससे बार-बार सांस की तकलीफ होती है। सीओपीडी धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है। इसके लक्षण धीरे-धीरे दिखने शुरू होते हैं कुछ प्रमुख लक्षण है,

  • लंबे समय तक खांसी होना
  • खांसी के साथ सफेद, पीले-भूरे या हरे रंग का बलगम भी आ सकता है। कभी-कभी इसमें खून भी आ सकता है
  • श्वसन संक्रमण में वृद्धि (जैसे फ्लू और जुकाम)
  • सांस की तकलीफ, खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरानसांस लेने में खरखराहट और थकान होना
  • हल्का बुखार और ठंड लगना

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज का इलाज कैसे किया जाता है?

इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है इससे बचने का एकमात्र तरीका है उसकी रोकथाम और प्रबंधन।

लक्षणों को नियंत्रित करना।

रोग के विकास को धीमा करना।

समस्याओं को रोकना और उनका इलाज करना।

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

  • लाइफस्टाइल में बदलाव करके और कुछ घरेलू उपचार करके क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज को नियंत्रण किया जा सकता है।
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो छोड़ना बेहतर है। धूम्रपान सीओपीडी का प्रमुख कारण है।
  • यदि आपके घर में कीड़ों के लिए पेंट या स्प्रे किया जा रहा है, तो थोड़ी देर के लिए उन जगहों से दूर रहें।
  • अपनी खिड़कियों को बंद रखें और घर पर तब तक रहें, जब तक बाहर बहुत अधिक वायु प्रदूषण या धूल हो।
  • अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपनी सभी दवाएं लें।
  • अपने डॉक्टर की सलाह के मुताबिक फ्लू और निमोनिये के टीके लगवाएं।
  • पर्याप्त कैलोरी और पोषक तत्व को डायट में शामिल करें।
  • नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करके सक्रिय रहें। शारीरिक गतिविधि मांसपेशियों को
  • मजबूत कर सकती है, जो आपको सांस लेने में मदद करती है और आपकी हेल्थ में सुधार करती है।
  • आपकी बीमारी कितनी गंभीर है, इसको देखते हुए दैनिक कार्यों के लिए अपने परिवार या दोस्तों से मदद मांग सकते हैं।
  • अगर आपको ज्यादा परेशानी है तो डॉक्टर से संपर्क करें। 

                  Written By: Shahina Noor

Edited By: Shilpa Srivastava