नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Stiff Person Syndrome: हॉलीवुड फिल्म 'टाइटैनिक' की मशहूर सिंगर सेलीन डियोन ने हाल ही में इंस्टाग्राम के ज़रिए बेहद भावुक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने अपनी सेहत को लेकर खुल कर बात की। सेलीन ने बताया कि उनकी बिगड़ी सेहत की वजह से उन्हें अपने कई कॉन्सर्ट रद्द और पोस्टपोन करने पड़े हैं। उन्होंने अपने वीडियो में अपने लाखों फैन्स को संबोधित करते हुए बताया कि वह स्टिफ पर्सन सिंड्रोम से जूझ रही हैं। यह एक दुर्लभ और लाइलाज न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मांसपेशियों में ऐसी ऐंठन पैदा होती है, जो व्यक्ति को दुर्बल बना देती है।

क्या होता है स्टिफ पर्सन सिंड्रोम?

स्टिफ पर्सन सिंड्रोम फाउंडेशन के अनुसार, यह विकार केंद्रीय तंत्रिका तंत्र, विशेष रूप से मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है।

यह बीमारी मरीज़ को अक्षम बना सकती है, वे व्हीलचेयर पर निर्भर हो सकते हैं या फिर पूरी तरह से बिस्तर पर, उनके लिए काम करना मुश्किल हो सकता है, साथ ही वे खुद की देखभाल करने में असमर्थ हो जाते हैं। इस न्यूरोलॉजिकल बीमारी में ऑटोइम्यून संकेत दिखते हैं, जिसमें अधिक अकड़न, दुर्बल करने वाला दर्द, क्रॉनिक बेचैनी और मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण दिखते हैं। मांसपेशियों में ऐंठन इस कदर हो जाती है कि इससे जोड़ डिसलोकेट होने के साथ हड्डियां टूट भी सकती हैं।

इस बीमारी को मानव मूर्ति रोग (Human Statue Disease) या टिन-मैन बीमारी (Tin-Man Disease) भी कहते हैं। इसमें कई बार ऐसे दौरे भी पड़ते हैं, जिसमें आप आम तरह की मूवमेंट भी नहीं पाते हैं। जब ऐंठन पूरे शरीर में अचानक और बिना किसी चेतावनी के आती है, तो रोगी ऊपर से नीचे तक जम जाता है। डॉक्टर का मानना है कि गंभीर स्ट्रेस और इमोशनल ट्रॉमा, जो किसी करीबी के गुज़र जाने से होता है, इसे बीमारी की बड़ी वजह बन सकता है।

ऑटोइम्यून डिसॉडर क्या होता है?

किसी भी तरह के संक्रमण से बचाने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम लगातार काम करता है। किसी भी बाहरी बैक्टीरिया, वायरस के शरीर में प्रवेश करने पर इम्यून सिस्टम उसके खिलाफ लड़ता है। लेकिन, कई बार यह गलती से शरीर की अपनी कोशिकाओं पर भी हमला कर देता है, इस स्थिति को ऑटोइम्यून डिज़ीज़ कहा जाता है।

स्टिफ पर्सन सिंड्रोम के लक्षण क्या होते हैं?

क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, आपके धड़ और पेट की मांसपेशियां आमतौर पर सबसे पहले प्रभावित होती हैं। शुरुआत में, मांसपेशियों में अकड़न आती-जाती रहती है, लेकिन फिर यह अकड़न बरकरार रहने लगती है। समय के साथ पैरों की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, जिसके बाद हाथ और चेहरे की मांसपेशियां भी अकड़ना शुरू हो जाती हैं। इसके इलाज में लक्षणों को कम करने का प्रयास किया जाता है, ताकि मरीज़ का मूवमेंट बेहतर हो और उसे आराम मिले।

स्टिफ पर्सन सिंड्रोम से कैसे बचा जा सकता है?

क्लीवलैंड क्लीनिक वेबसाइट के अनुसार, क्योंकि वैज्ञानिक इस वक्त यह नहीं जान पाएं हैं कि स्टिफ पर्सन सिंड्रोम के पीछे कारण क्या होते हैं, इसलिए इससे बचने का कोई तरीका भी नहीं है।

स्टिफ पर्सन सिंड्रोम में किस तरह की जटिलताएं आती हैं?

स्टिफ पर्सन सिंड्रोम में मरीज़ का एक जगह से हिलना मुश्किल हो जाता है और मांसपेशियों में अकड़न आ जाती है। जिसकी वजह से जटिलताएं पैदा होती हैं:

  • बेचैनी और तनाव
  • मांसपेशियों के गंभीर तरह से अकड़ जाने से जॉइन्ट डिसलोकेट हो सकते हैं या फिर हड्डियां टूट जाती हैं
  • रोगी अक्सर गिर जाते हैं
  • ज़रूरत से ज़्यादा पसीना आता है

सेलीन ने अपने वीडियो में बताया कि मांसपेशियों की यह अकड़न उनकी ज़िंदगी को कई तरह से प्रभावित कर रही है। कई बार उन्हें चलने में दिक्कत आती है, तो कई बार वह गाने के लिए अपने वोकल कॉर्ड्स का उस तरह उपयोग नहीं कर पातीं, जिस तरह पहले करती थीं।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik/Instagram

Edited By: Ruhee Parvez

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