घर की होम मिनिस्टर के ऊपर तमाम तरह की जिम्मेदारियां होती हैं जिन्हें निभाते हुए खुद का ध्यान रख पाना कई बार मुमकिन नहीं हो पाता। सबके उठने से पहले उठ जाना, सबके सोने के बाद सोना, बचा-खुचा खाना खाना, उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाता है। लेकिन, क्या आप जानती हैं इन आदतों का कुछ वक्त तो  असर नहीं होता और थोड़ा बहुत अगर होता भी है तो हम उसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इसे नजरअंदाज और कंट्रोल करना बड़ा चैलेजिंग हो जाता है। अच्छा होगा कि हम अभी से अपनी सेहत पर ध्यान दें और साथ ही साथ फैमिली की भी। तो कैसे इसे करें मेनटेन, इसके बारे में जानेंगे यहां...   

सबसे सही है पारंपरिक भोजन

आज चिंताजनक बात यह है कि लोग हेल्दी खानपान की पुरानी आदतों को भूलकर विज्ञापनों से प्रभावित होकर  महंगी चीज़ों का चुनाव करने लगे हैं। दरअसल कंपनियां बाज़ार पर अपना कब्ज़ा जमाने के लिए खास तरह की रणनीति तैयार करके किसी एक वस्तु को सेहत के लिए फायदेमंद और दूसरी को नुकसानदेह बताना शुरू कर देती हैं और लोग उनके बहकावे में आ जाते हैं। हम भारतीय लोगों के लिए सरसों का तेल भी उतना ही फायदेमंद है, जितना कि ऑलिव ऑयल। वैज्ञानिकों द्वार किए गए रिसर्च से यह प्रमाणित हो चुका है कि भारतीय आबादी में अल्ज़ाइमर्स के मरीज़ों का प्रतिशत बहुत कम है क्योंकि यहां के लोग मसाले के रूप में हल्दी का इस्तेमाल प्रमुखता से करते हैं, जबकि पश्चिमी देशों में डॉक्टर्स लोगों को टरमरिक सप्लीमेंट का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं। दाल-चावल और रोटी-सब्ज़ी जैसी पारंपरिक चीज़ें सेहत के लिए हमेशा से फायदेमंद रही हैं। सभी मसालों में औषधीय गुण पाए जाते हैं, यहां तक हरी मिर्च भी पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होती है और उसमें कैंसररोधी तत्व पाए जाते हैं। अगर आप एक्सरसाइज़ के साथ संतुलित डाइट अपनाएं तो हमेशा स्वस्थ रहेंगे।        

अपनाएं संतुलित खानपान  

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है सेहत संबंधी समस्याएं घर करने लगती हैं। ऐसे में लापरवाही करने से ये समस्याएं दिन दुनी, रात चौगुनी बढ़ेगी। इसलिए अच्छा होगा कि अच्छी सेहत के लिए आप स्वाद के साथ थोड़ा समझौता कर लें। चीनी, सफेद नमक और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें। खाना बनाने के लिए ऑलिव ऑयल और रॉक सॉल्ट का इस्तेमाल करें। मल्टीग्रेन आटा यूज़ करें जिसमें गेहूं के साथ चना, जौ और सोयाबीन जैसी प्रोटीनयुक्त चीज़ें भी शामिल होती हैं और ये हर तरीके से फायदेमंद होता है। अगर कभी कुछ मीठा खाने की इच्छा होती है तो चीनी की जगह गुड़ या शक्कर का इस्तेमाल करें। देसी घी सेहत के लिए फायदेमंद होता है, इसलिए रोज़ाना रोटी को ऊपर हल्का घी ज़रूर लगाएं। यह मानना गलत है कि शाकाहारी लोगों को प्रोटीन का पोषण नहीं मिलता। दालों में बहुत ही अच्छा प्रोटीन होता है तो डाइट में दालें, हरी सब्जियां, प्रोटीन इनकी मात्रा जरूर लें। 

Posted By: Priyanka Singh

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