डॉक्टर अजय कुमार सक्सेना 

आज हम बात करेंगे मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारियों के बारे में और कैसे आयुर्वेद द्वारा उनका इलाज संभव है। 

मच्छरों से बचने के उपाय

  1. पूरे आस्तीन वाले कपड़े पहनें।
  2. मच्छरों से बचने के लिए अपने शरीर पर मच्छर मारक क्रीम लगा सकते हैं। वैसे नारियल, सरसों और नीम के तेल का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है।
  3. आयुर्वेदिक द्रव्य जैसे गुग्गुल, हल्दी, नीम के पत्तों को मिलाकर जलाने से इनसे निकलने वाला धुंआ मच्छरों को भगाने के लिए कारगर होता है। 
  4. इनके अलावा सरसों के बीज, नीम के पत्तों को घी में मिलाकर जलाएं। इनसे निकलने वाले धुंए से मच्छर दूर भागते हैं। 

मच्छरों से होने वाली बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक उपाय

  1. डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया मच्छर से होने वाली बीमारियां हैं। जानेंगे इसे दूर करने के आयुर्वेदिक उपायों के बारे में। 
  2. गीले या ठंडे कपड़े से पूरे शरीर को पोंछें। स्पंजिंग से बुखार काफी हद तक कम किया जा सकता है।
  3. बुखार उतारने के लिए धनिया पत्ती भी बहुत ही फायदेमंद होती है। इन पत्तियों को एक से तीन चम्मच लेकर उसका पानी में इन्फ्यूजन बनाएं और उस इन्फ्यूजन को छान कर पी लें जिससे बुखार उतर जाता है।
  4. हरड़, सफ़ेद जीरा, सौंठ और मिश्री सबकी बराबर मात्रा लेकर इसका पाउडर बना लें। सुबह-शाम गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। बुखार में आराम मिलेगा। 
  5. चिरायता, नागरमोथा, सौंठ और गुडूची का काढ़ा पीने से बुखार में आराम मिलता है। इसके अलावा नीम की छाल का काढ़ा और सप्तपर्ण की छाल का काढ़ा भी दिन में तीन बार पी सकते हैं। 

रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाएं? 

  1. रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गुडूची का काढ़ा पी सकते हैं, चवनप्राश खा सकते हैं। आंवले और एलोवेरा का जूस भी पी सकते हैं। 
  2. स्वस्थ रहने के लिए भरपूर नींद लें। 

आयुर्वेद के अनुसार बुखार में क्या करना चाहिए क्या नहीं, जानेंगे इसके बारे में। 

बहुत ज़्यादा शारीरिक और मानसिक काम करने से बचें। 

तली-भुनी चीज़ें खाना अवॉयड करें। 

सूप है फायदेमंद

मूंग, मसूर, चना, कुलथी और मोठ की दाल का सूप पिएं। 

आयुर्वेद में जो उपाए बताए गए हैं उनका पालन करने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है।

 

Posted By: Priyanka Singh