भारत में डेंगी बड़े खतरे के रूप में उभर रहा है। बीते साल भारत में डेंगी के 1 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं जिनमें से 245 लोगों की इस बीमारी से हुई मौत शामिल है। मच्छर के काटने से होने वाली डेंगी एक तीव्र वायरल बीमारी है। यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और निश्चित ईलाज के अभाव में बहुतेरे इसकी चपेट में आ रहे हैं। डेंगी के कारणों से अवगत होने के बावज़ूद इसके ईलाज सम्बन्धी जानकारियों की लोगों के बीच घोर कमी है.

मरीज के रक्त में प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाना डेंगी का सबसे बड़ा लक्षण है। इसकी वजह से शरीर में आंतरिक रक्तस्राव और अन्य जटिलतायें उत्पन्न होती हैं। दुर्लभ मामलों में, जब प्लेटलेट्स की संख्या 20,000/क्युबिक मिलीमीटर से कम हो जाती है तो रोगी को प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन {चढ़ाने} की आवश्यकता होती है। गोदरेज हिट एंड रिसर्च नाउ द्वारा हाल ही में किये गये सर्वेक्षण में कहा गया है कि 94 फीसदी नागरिक प्लेटलेट्स की घटती संख्या के महत्वपूर्ण स्तर के बारे में अनजान हैं।

ऐसी स्थिति में, प्लेटलेट डोनर की तैयार उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है. {इसके विपरीत रक्त, प्लेटलेट्स को 5 दिनों से अधिक समय तक संग्रहित नहीं किया जा सकता है।} गोदरेज हिट एंड रिसर्च नाउ रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि 80 फीसदी नागरिक इस महत्वपूर्ण तथ्य से अवगत नहीं हैं।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गोदरेज हिट और अपोलो अस्पताल ने नागरिकों को शिक्षित करने और भारत के पहले राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्लेटलेट दानकर्ता समुदाय का निर्माण करने की दिशा में एक साहसिक पहल की है। इस पहल के तहत अपोलो अस्पताल डेंगी के गम्भीर मरीज़ों को प्लेटलेट्स प्रदान करेगा और 24x7 हेल्पलाइन का प्रबंध करेगा। दीगर है कि गोदरेज हिट और अपोलो अस्पताल कई सामुदायिक कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों पिछले कई वर्षों से मच्छरों से उत्पन्न रोगों और इसके निवारक उपायों के बारे में नागरिकों को जागरूक करते आ रहे हैं।

इस अवसर पर अपोलो अस्पताल समूह के संयुक्त प्रंबधकीय निदेशक सुश्री संगीता रेड्डी ने कहा कि, “भारत में डेंगी जैसे वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इन बीमारियों के निवारण के लिए, हम अपोलो अस्पताल में हैं और एक प्लेटलेट दानकर्ता समुदाय बनाने के लिए गोदरेज हिट के साथ करार किया है। इस पहल के जरिये, हम लोगों को जागरुक करने से लेकर, डेंगी जैसे रोगों के प्रबंधन के लिए तैयार संसाधन उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। अपोलो अस्पताल ने एक ऐसी व्यवस्था की है, जिसमें डेंगी से पीड़ित रोगियों के लिए 24x7 हेल्पलाइन का प्रबंध किया जायेगा। ये हेल्पलाइन अपने प्लेटलेट्स दान करने के इच्छुक दानकर्ताओं और प्लेटलेट्स के जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य एक दानकर्ता समुदाय का निर्माण करना है जो डेंगी से पीड़ित लोगों की मदद कर सके। अपोलो की व्यापक पहुँच के साथ, हमारे क्लिनिकल परिणामों और अपने चिकित्सकों की विशेषज्ञता के प्रति हम आश्वस्त हैं कि हम डेंगी और संबंधित बुखारों से निपटने वाली चुनौतियों को दूर करने में मदद करेंगे।’’

इंडिया और सार्क में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) के व्यवसाय हेड सुनील कटारिया ने कहा है कि भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य के समक्ष डेंगी एक गंभीर खतरा बनकर उभरा है। हालांकि, लोग जानते हैं कि मच्छर के काटने से डेंगी होता है, लेकिन वो उपचारात्मक उपायों से अनजान हैं, विशेषकर प्लेटलेट्स के बारे में। हमारे गोदरेज हिट एंड रिसर्च नाउ के शोध से पता चलता है कि 90 फीसदी नागरिकों को पता है कि प्लेटलेट्स एक रक्त घटक है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 66 फीसदी लोगों का मानना है कि प्लेटलेट्स डेंगी का ईलाज है और 80 फीसदी का मानना है कि प्लेटलेट्स को खून की तरह संग्रहित किया जा सकता है। ये दोनों तथ्यों के लिहाज से गलत हैं। जागरूकता की कमी के कारण नागरिकों के बीच बहुत-सी चिंताएं पनपने लगती है। इसलिए गोदरेज हिट ने डेंगी रोगियों के लिए भारत का पहला राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्लेटलेट्स दानकर्ता समुदाय बनाने के लिए अपोलो अस्पताल के साथ भागीदारी की है।"

उन्होंने आगे कहा "इस पहल के माध्यम से हम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वह www.godrejhit.com/trackthebite या हिट ट्रैक दी बाइट ऐप पर जाकर प्लेटलेट डोनर के रूप में अपना नाम दर्ज़ कराएं और डेंगी रोगियों के जीवन को बचाने में मदद करें। वैसे, लोगों में नाम दर्ज़ कराने की प्रतिक्रिया शानदार रही है। दो सप्ताह से भी कम समय में, 20,000 से अधिक नागरिकों ने प्लेटलेट दानकर्ता के रूप में पंजीकरण कराया है। प्लेटलेट्स प्राप्त करने के लिए डेंगी रोगी 5 प्रमुख मैट्रो शहरों में एक सिटी-स्पेसिफिक 24x7 प्लेटलेट हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। दिल्ली एनसीआर के लिए, प्लेटलेट हेल्पलाइन संख्या 011-26825565 है।"

Posted By: MMI Team