नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Kidney Health: आप यह अच्छी तरह से जानते होंगे कि किडनी हमारे शरीर में कितनी अहम भूमिका निभाती है। हालांकि, इसके बावजूद हम हमारी किडनी की सेहत के बारे में कितना सोचते हैं? सच्चाई है बिल्कुल नहीं। यही वजह है कि उम्र के साथ किडनी की बीमारी का ख़तरा बढ़ने लगता है। ऐसा में यह जानना ज़रूरी है कि किस तरह के फूड्स हमारी किडनी को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं।

प्रोसेस्ड मील्स

बेकन, सॉसेज, हॉट डॉग्ज़ और ब्रगर पैटीज़ खाने से आपकी किडनी पर काफी बुरा असर पड़ता है। यह सोडियम से भरपूर होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करते हैं, जिससे किडनी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। रिसर्च से पता चलता है एनिमल प्रोटीन और प्लांट प्रोटीन के ज़्यादा सेवन से किडनी की बीमारी तेज़ी से गंभीर हो सकती है।

सोडा

सोडा में चीनी की उच्च मात्रा होती है और पोषक तत्व बिल्कुल नही होते। यह सिर्फ आपकी डाइट में अतिरिक्त कैलोरी जोड़ने के लिए अलावा कुछ नहीं करते। जिससे आपका वज़न बढ़ता है। रिसर्च में पाया गया है कि सोडा का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस , गुर्दे की बीमारी, चयापचय सिंड्रोम और दंत समस्याओं जैसी स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़ा हुआ है।

फ्रोज़न खाना

शोध से पता चला है कि फ्रोज़न फूड्स और ऐसे फूड्स जिन्हें माइक्रोवेव कर तैयार किया जाता है, वे टाइप-2 डायबिटीज़ का कारण बनते हैं। प्रोसेस्ड फूड का मतलब आपका खान छिपे हुई वसा, चीनी या सोडियम से भरपूर है। इसलिए हमेशा ताज़ा खाना ही तैयार करें, जिसमें सोडियम की मात्रा को कम रखा जा सके।

तले हुए आलू

अगर आप चिप्स या फिर फ्रेंच फ्राइज़ खूब खाते हैं, तो जान लें कि यह आपकी किडनी के लिए कुछ भी अच्छा नहीं कर रहे हैं। अपने दिल और किडनी को बीमारियों से बचाने के लिए डीप-फ्राइड फूड्स से दूर रहना ज़रूरी है। आलू पोटेशियम से भरपूर होते हैं, जिनके सेवन को कम करने की सलाह दी जाती है, अगर आप पहले से ही किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं।

मेयोनेज़

अगर आप अक्सर सलाद या सैंडविच में मेयोनेज़ का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे इन फूड्स में मौजूद हेल्दी सब्ज़ियों की वेल्यू भी कम हो जाती है। एक चम्मच मेयोनेज़ में 103 कैलोरीज़ होती हैं। इसके साथ मेयोनेज़ सैचुरेटेड फैट्स से भी भरपूर होती है। अगर आपको मेयोनेज़ बेहद पसंद है, तो सुनिश्चित करें कि ये लो फैट, लो कैलोरी और सोडियम और चीनी से भरी न हो। वैसे मेयो की जगह ग्रीक सलाद या फिर हंग कर्ड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik

Edited By: Ruhee Parvez