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जिस चॉकलेट के बिना अधूरी है मीठे की क्रेविंग, कभी उसका स्वाद था कड़वा और तीखा, 4000 साल पुराना है इतिहास

Published: Sun, 13 Sep 2026 11:30 AM (IST)

इन दिनों बच्चों और बड़ों, सभी की फेवरेट चॉकलेट से जुड़ी ये बातें बहुत कम लोग जानते हैं।

4000 साल पुराना है चॉकलेट का इतिहास (Image Source: AI Generated)

4000 साल पुराना है चॉकलेट का इतिहास (Image Source: AI Generated)

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समय कम है?

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संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज जब भी किसी को मीठे की क्रेविंग होती है तो सबसे पहले चॉकलेट ही याद आती है, पर क्या हो अगर हम कहें कि पहले चॉकलेट का स्वाद मीठा नहीं, बल्कि कड़वा हुआ करता था। हमें यकीन है कि आप इस बात पर मुश्किल ही विश्वास कर पाएंगे, ऐसे में चलिए इंटरनेशनल चॉकलेट डे पर चॉकलेट का यही दिलचस्प इतिहास जानते हैं।

4000 साल पुराना है चॉकलेट का इतिहास 

चॉकलेट आज के समय की नहीं है, इसका इतिहास करीब 4000 साल पुराना है। कहते हैं कि कोको पेड़ सबसे पहले मैक्‍सिको और मध्‍य अमेरिका के जंगलों में पाया गया था। उस समय यह जगह मैसोअमेरिको के नाम से जानी जाती थी। 

वैसे तो इतिहासकारों में अभी तक इस बात को सहमति नहीं बन पाई कि लोगों ने चॉकलेट को कैसे खोजा, पर कहा जाता है कि जब मैसोअमेरिको के लोग कोको के बीजों का फल खाते थे तो इसके बीज आग में थूक दिया करते थे। ऐसा करने पर उन बीजों से खुशबू निकलती थी, जिससे लोगों में फल के साथ ही इसके बीजों का स्वाद चखने की रुचि पैदा हुई। 

चॉकलेट की अमेरिका से यूरोप तक की यात्रा 

कहा यह भी जाता है कि साल 1528 में जब स्पेन के राजा ने मैक्सिको को अपने में कब्जे में लिया, तब लौटते समय वो अपने साथ कोको के बीज भी ले गए थे। इसके बाद जाकर यूरोप में लोगों ने चॉकलेट का स्वाद चख पाया। 

करंसी की तरह भी हुआ इस्तेमाल 

आपको जानकार हैरानी होगी कि उस समय मेसोअमेरिका के प्राचीन समुदाय कोको के बीजों का इस्तेमाल करंसी के रूप में भी करते थे। दरअसल, पुरात्वविदों को सबूत के तौर पर चिकनी मिट्टी के नकली कोको बीज भी मिले थे, जिसे असली बताकर उस दौर में चलाने की कोशिश की जाती थी।

पहले कड़वी क्यों थी चॉकलेट? 

पहले जब अमेरिका के लोग चॉकलेट बनाते थे, तब वो इसमें कोको के बीजों को पीसकर साथ में मिर्च-मसाले भी डालते थे। उस जमाने में चॉकलेट से बने इस पेय पदार्थ में दूध और चीनी न होने की वजह से यह मीठा नहीं, कड़वा और तीखा हुआ करता था। कई सालों तक इस रेसिपी को बनाने के बाद चॉकलेट बनाने का दूसरा तरीका निकाला गया। जब कोको की बीज स्पेन पहुंचे तो उन्होंने इसे नया ट्विस्ट दिया और इसमें मसालों की जगह चीनी और शहद मिलाना शुरू कर दिया।