समोसे-पकौड़ों का स्वाद बढ़ाने वाला टोमैटो सॉस कहीं मिलावटी तो नहीं? बच्चे को देने से पहले 4 तरीकों से करें टेस्ट
जब भी आपके बच्चे टोमैटो सॉस की जिद करें, तो उन्हें देने से पहले एक बार इन आसान तरीकों से उसकी शुद्धता की जांच जरूर कर लें।

बच्चे मजे से चाट रहे हैं और अंदर जा रहा है धीमा जहर (Image Source: AI-Generated)
HighLights
कांच की प्लेट पर सॉस की गाढ़ापन जांचें
पानी में सॉस का रंग घुलने से मिलावट पहचानें
आयोडीन टेस्ट से सॉस में स्टार्च की जांच करें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। समोसा हो, पकौड़े हों या फिर बच्चों का फेवरिट आलू पराठा, बिना टोमैटो केचअप या सॉस के सब कुछ अधूरा लगता है। बच्चे तो हर चीज के साथ सॉस मांगते हैं और हम भी उन्हें खुश करने के लिए दे देते हैं।
हालांकि, क्या आपने कभी सोचा है कि जो लाल और गाढ़ा सॉस आप अपने बच्चों को बड़े प्यार से खिला रहे हैं, कहीं वह कोई 'धीमा जहर' तो नहीं है? बाजार में इन दिनों कई नकली और मिलावटी सॉस धड़ल्ले से बिक रहे हैं, जिनमें टमाटर के नाम पर सिर्फ खतरनाक केमिकल और रंग भरा होता है।
इन मिलावटी सॉस में टमाटर की जगह कद्दू या लौकी का पल्प, बहुत ज्यादा चीनी, कॉर्न सिरप, आर्टिफिशियल कलर्स और ऐसे प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो बच्चों के छोटे और नाजुक शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनके लगातार इस्तेमाल से बच्चों में मोटापा, दांतों में सड़न, एलर्जी और पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
ऐसे में, आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आइए जानते हैं कि आप घर बैठे मिनटों में असली और नकली सॉस की पहचान कैसे कर सकते हैं।
कांच की प्लेट वाला टेस्ट
एक साफ कांच की प्लेट लें और उस पर सॉस की कुछ बूंदें डालें। अब प्लेट को थोड़ा तिरछा करें। अगर सॉस में मिलावट होगी, तो उसमें से पानी तुरंत अलग होकर नीचे की तरफ तेजी से बहने लगेगा। वहीं, अगर सॉस असली टमाटर का बना होगा, तो वह गाढ़ा रहेगा, धीरे-धीरे बहेगा और पानी अलग नहीं होगा।
पानी से करें रंग की पहचान
सॉस को लाल और आकर्षक बनाने के लिए इसमें खतरनाक केमिकल वाले रंग मिलाए जाते हैं। इसे चेक करने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच सॉस डालें। अगर सॉस पानी में जाते ही तुरंत अपना रंग छोड़ने लगे और पानी तेजी से लाल हो जाए, तो समझ लें कि इसमें केमिकल वाला रंग मिलाया गया है। असली सॉस पानी में इतनी जल्दी अपना रंग नहीं छोड़ता।
आयोडीन टेस्ट
सॉस को गाढ़ा करने के लिए उसमें अरारोट या कॉर्न स्टार्च मिलाया जाता है। इसकी जांच के लिए सॉस की थोड़ी-सी मात्रा लें और उस पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें। अगर सॉस का रंग बदलकर गहरा नीला या काला हो जाए, तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च की भारी मिलावट है।
स्वाद और महक पर दें ध्यान
असली टोमैटो केचप में टमाटर की हल्की-सी खटास और प्राकृतिक महक होती है। नकली सॉस सिर्फ तीखा या मीठा लगता है और उसमें से केमिकल या बहुत ज्यादा सिरके की तेज गंध आती है। कई बार कद्दू की मिठास छुपाने के लिए इसमें ज्यादा चीनी और फ्लेवर डाल दिए जाते हैं।
बच्चों की सेहत के साथ कोई समझौता न करें। हमेशा अच्छी और भरोसेमंद कंपनी का ही सॉस खरीदें और पैकेट के पीछे लिखे इंग्रीडिएंट्स जरूर पढ़ें। अगर संभव हो, तो ताजे टमाटरों से घर पर ही बच्चों के लिए सॉस बनाना सबसे सेफ ऑप्शन है।
