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जब 26 नवंबर को तैयार हो गया था संविधान, तो क्यों किया गया 26 जनवरी का इंतजार? पढ़ें इसकी ऐतिहासिक कहानी

Published: Wed, 21 Jan 2026 03:15 PM (IST)

हर साल 26 जनवरी के दिन भारत बड़े हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मनाता है। इस दिन 1950 में देश ...और पढ़ें

26 जनवरी को क्यों मनाते हैं गणतंत्र दिवस? (Picture Courtesy: Freepik)

26 जनवरी को क्यों मनाते हैं गणतंत्र दिवस? (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के लोकतंत्र की नींव हमारा संविधान है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसे तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा। इसके बाद 26 नवंबर 1949 को यह बनकर तैयार हुआ।

ऐसे में अक्सर एक दिलचस्प सवाल लोगों के मन में उठता है कि जब हमारा संविधान 26 नवंबर को बनकर तैयार हो गया था, तो इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी का इंतजार क्यों किया गया? इस सवाल का जवाब जानने के लिए आपको भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास की एक घटना के बारे में जानना होगा। आइए जानें क्यों हमारा संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया। 

'पूर्ण स्वराज' का ऐतिहासिक संकल्प

इस कहानी की शुरुआत संविधान बनने से 20 साल पहले, यानी 1929 में होती है। उस समय लाहौर में इंडियन नेशनल कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था, जिसकी अध्यक्षता पंडित जवाहरलाल नेहरू कर रहे थे। इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार अंग्रेजों से डोमिनियन स्टेटस यानी अर्ध-स्वतंत्रता की मांग छोड़कर 'पूर्ण स्वराज' का संकल्प लिया था।

Republic Day

(Picture Courtesy: Freepik)

पहला स्वतंत्रता दिवस: 26 जनवरी 1930

लाहौर अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में 'स्वतंत्रता दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। उस दिन भारतीयों ने पहली बार तिरंगा फहराया और अंग्रेजों की गुलामी से आजाद होने की शपथ ली। 1930 से लेकर 1947 तक, हर साल 26 जनवरी को ही भारत के प्रतीकात्मक स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा।

15 अगस्त और 26 जनवरी का कॉर्डिनेशन

जब 1947 में भारत असल में आजाद हुआ, तो वह तारीख 15 अगस्त थी। इसलिए इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। लेकिन संविधान निर्माताओं, खासकर पंडित नेहरू और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के मन में उस 26 जनवरी की तारीख के प्रति गहरा सम्मान था, जिसने दो दशकों तक भारतीयों में आजादी की अलख जगाए रखी थी।

वे नहीं चाहते थे कि 26 जनवरी जैसी ऐतिहासिक तिथि इतिहास के पन्नों में कहीं खो जाए। इसलिए, यह तय किया गया कि भले ही संविधान 26 नवंबर 1949 (संविधान दिवस) को तैयार हो गया है, लेकिन इसे आधिकारिक रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू किया जाएगा, ताकि इस दिन को 'गणतंत्र दिवस' के रूप में हमेशा के लिए अमर कर दिया जाए।

इसलिए 26 जनवरी को भारत का संविधान लागू किया गया और हमारा देश गणतंत्र बना। तब से हर साल 26 जनवरी को बड़ी धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।