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सिल्क जैसी चमक और मक्खन-सी मुलायम ‘मिल्क साड़ी’ बन रही लोगों की पसंद, दूध से बनाया जाता है ये खास कपड़ा

Published: Sun, 30 Aug 2026 10:27 AM (IST)

मिल्क साड़ी आजकल सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, जिसे दूध में मौजूद केसिन प्रोटीन से बने खास फैब्रिक से तैयार किया जाता है।

मिल्क साड़ी कैसे बनाई जाती है? (Picture Courtesy: Instagram)

मिल्क साड़ी कैसे बनाई जाती है? (Picture Courtesy: Instagram)

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संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी मिल्क साड़ी के बारे में सुना है? आजकल सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है। इसके नाम को सुनकर ऐसा लग सकता है कि इस साड़ी को दूध से बनाया जाता होगा, तभी तो इसका नाम मिल्क साड़ी है। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग और दिलचस्प है। 

इस साड़ी को एक बेहद खास फैब्रिक से बनाया जाता है, जिसे बनाने के लिए दूध में मौजूद केसिन प्रोटीन का इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानें कैसे तैयार किया जाता है ये फैब्रिक।

कैसे बनाया जाता है मिल्क फैब्रिक?

मिल्क फैब्रिक बनाने के लिए सबसे पहले केसिन प्रोटीन को प्रोसेस किया जाता है और उसे रेशों में बदला जाता है। इसके बाद इन रेशों को सिल्क, कॉटन या विस्कोस जैसे दूसरे रेशों के साथ मिलाकर कपड़ा तैयार किया जाता है। इस फैब्रिक की एक खासियत ये भी है कि कई बार इसे बनाने में उसे दूध के प्रोटीन का इस्तेमाल भी किया जाता है, जो सामान्य इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाता।

क्यों खास है ये मिल्क साड़ी?

सोशल मीडिया पर इस साड़ी की काफी चर्चा हो रही है और फैशन लवर्स के बीच यह फैब्रिक काफी तेजी से अपनी जगह बना रहा है। इसका कपड़ा काफी हल्का और मुलायम होता है, जो शरीर पर आसानी से बैठता है। इस वजह से इसकी ड्रेपिंग भी काफी बेहतरीन होती है और इसमें एक हल्की-सी नेचुरल चमक होती है, जिससे इसका लुक बिल्कुल सिल्क जैसा दिखाई देता है। इस फैब्रिक के इतने हल्के होने की वजह से ही इसे गर्म और उमस भरे मौसम के लिए काफी आरामदायक माना जा रहा है।

पर्यावरण और फैशन का मिलन

आजकल फास्ट फैशन के दौर में ये मिल्क साड़ी पर्यावरण संरक्षण और फैशन का अनोखा संगम पेश करती है। मिल्क फैब्रिक को फैशन इंडस्ट्री ने एक सस्टेनेबल ऑप्शन की तरह पेश किया है, क्योंकि ये दूध के प्रोटीन से बनता है।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पर्यावरण के लिए कितना सही है, इसका अंदाजा पूरे प्रोडक्शन प्रोसेस को देखकर ही लगाया जा सकता है। फाइबर तैयार करने के दौरान इस्तेमाल होने वाले केमिकल और रिसोर्सेज भी अहम भूमिका निभाते हैं।