विराट कोहली: मैं मानता हूं कि त्यौहारों पर पारंपरिक कपड़े पहनने से त्यौहारों वाली फील बढ़ती है!

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने हाल ही में India Ethnic Week नाम से एक दिवाली कैंपेन लॉन्च किया है। विराट ने एथनिक क्लॉथ ब्रैण्ड Manyavar के साथ इस कैंपेन की घोषणा सोशल मीडिया पर की है, जहां उन्होंने लोगों से दिवाली के सभी पांचों दिन (धनतेरस, छोटी दिवाली, दिवाली, मिलनी और भाई दूज) भारतीय पारंपरिक परिधान पहनने की अपील की है, जिसे India Ethnic Week कहा जाएगा।
दिवाली और त्यौहारों के लिए अपने प्यार के बारे में बताते हुए भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा, मैं दिवाली का पूरा हफ्ता, धनतेरस से लेकर भाई दूज तक, अपने परिवार और दोस्तों के साथ मनाता था, और मुझे त्यौहार के इस पूरे हफ्ते पारंपरिक परिधान पहनना पसंद है, क्योंकि मैं मानता हूं कि त्यौहारों पर पारंपरिक कपड़े पहनने से त्यौहारों वाली फील बढ़ती है।
कैंपेन के बारे में बोलते हुए विराट ने कहा, “जब Manyavar ने मेरे साथ India Ethnic Week का आइडिया साझा किया तो मुझे उनका आइडिया बेहद ही पसंद आया। ये कैंपेन पूरी तरह दिवाली को पारंपरिक तौर पर मनाने के बारे में है, लिहाज़ा मैंने लोगों से दिवाली के पूरे हफ्ते भारतीय पारंपरिक परिधान पहनने की अपील की। मैं खुद भी यही मानता हूं कि दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जिसे पारंपरिक तौर पर ही मनाना चाहिए। मुझे लगता है कि युवाओं को दिवाली का पूरा हफ्ता पारंपरिक परिधान के साथ मनाने के इस आइडिया को फॉलो करना चाहिए और India Ethnic Week वो सफल बनाना चाहिए।“

India Ethnic Week के पीछे की सोच की वजह है कि दिवाली सिर्फ एक दिन की बात नहीं होती, इससे पहले कई दिनों की तैयारियों होती हैं। त्यौहार का जश्न भी दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस पर ही शुरु हो जाता है और दिवाली के दो दिन बाद भैया दूज तक चलता है। हर दिन की अपनी ही धार्मिक महत्ता, परंपरा और सामाजिक मान्यताएं हैं, इस दौरान पारंपरिक कपड़े पहनना इन त्यौहारों में #FestiveWaaliFeeling को बढ़ा देते हैं। कैंपेन की फिल्म में विराट कहते हुए देखे जा सकते हैं कि 'दिवाली का असली मज़ा तो एथनिक में ही आता है।'

धनतेरस पर विराट लुक में भारतीय कप्तान

 छोटी दिवाली पर बड़ा जश्न मनाते विराट

दिवाली पर विराट का धुंआधार लुक

मिलनी पर विराट का मिलनसार लुक

भैया दूज पर विराट का शानदार लुक

ये आर्टिकल Manyavar के साथ पार्टनर कॉन्टेंट का हिस्सा है और ये जागरण न्यू मीडिया के संपादकीय विचारों को नहीं दर्शाता

लेखक-  चन्द्रमोहन जिंदल

Posted By: Priyanka Singh