सनस्क्रीन से जुड़े 5 बड़े मिथक, जिन्हें सच मानकर आप कर रहे हैं अपनी त्वचा का नुकसान
वो सनस्क्रीन ही है जिसकी मदद से कम उम्र में स्किन एजिंग और स्किन कैंसर जैसे बढ़ते खतरों से बचा जा सकता है।

सनस्क्रीन से जुड़े मिथक और उनके सच (Image Source: AI Generated)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी जानते हैं कि सनस्क्रीन बढ़ते प्रदूषण और धूप से निकलने वाली हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा करती है। वो सनस्क्रीन ही है जिसकी मदद से कम उम्र में स्किन एजिंग और स्किन कैंसर जैसे बढ़ते खतरों से बचा जा सकता है। पर सनस्क्रीन से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन्हें लेकर लोगों में भ्रम है, इन्हीं का हम आगे जिक्र करने वाले हैं।
सनस्क्रीन से जुड़े मिथक और उनके सच
जब त्वचा को पहले ही सुरक्षित रखा जा सकता है तो उसके डैमेज होने का इंतजार क्यों किया जाए? आइए जानते हैं सनस्क्रीन से जुड़े वो मिथक जिनसे त्वचा को ज्यादा नुकसान हो सकते हैं:
1. मिथक : बारिश या सर्दी के मौसम में सनसक्रीन लगाना जरूरी नहीं
गर्मी के अलावा बारिश और सर्दी का मौसम भी त्वचा के लिए उतना ही हानिकारक है, तो क्या हुआ अगर इस मौसम में धूप नहीं रहती? यूवी रेडिएशन उस समय भी मौजूद होती हैं। ऐसे में रोजाना सनस्क्रीन लगाना जरूरी है।
2. मिथक: सिर्फ टैनिंग होती है सनबर्न नहीं तो सनस्क्रीन की जरूरत नहीं
क्या आप भी ऐसा सोचते हैं कि सिर्फ टैनिंग हो रही है सनबर्न नहीं तो इसक लिए सनस्क्रीन लगाना इतना जरूरी नहीं? यह एक गलत धारणा है क्योंकि मायो क्लिनिक की माने तो सेफ टैन जैसी कोइ चीज ही नहीं होती। धूप से काली पड़ी त्वचा का मतलब ही यही है कि त्वचा डैमेज हो चुकी है और उसे मरम्मत चाहिए।
3. मिथक: डार्क स्किन वाले सनस्क्रीन नहीं लगाते
कई लोग ऐसा मानते हैं कि जिनकी स्किन डार्क होती है, उन्हें धूप से कम नुकसान होता है, जबकि सच्चाई इसके एकदम उलट है। स्किन टोन कैसी भी हो, उसे धूप की हानिकारक किरणों से सुरक्षा की जरूरत हमेशा रहती है।
4. मिथक: मेकअप प्रोडक्टस में पहले सनस्क्रीन है
मार्केट में कई प्रोडक्टस उपलब्ध हैं जिनमें सनस्क्रीन पहले से होती है। लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर इन प्रोडक्टस में सनस्क्रीन का SPF 30 से कम है तो मेकअप प्रोडक्टस के साथ सनस्क्रीन अप्लाई करनी चाहिए।
5. मिथक: सनस्क्रीन लगाने से विटामिन डी नहीं मिलेगा
सनस्क्रीन अच्छे से लगाने के बाद भी त्वचा में 2-3% धूप की किरणें त्वचा को छू सकती हैं, फिर यह कहना गलत है कि इससे विटामिन डी नहीं मिलेगा।
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Source: Mayo Clinic
