मनीप्लांट के पौधे लगभग सभी घरों में लगाए जाते हैं। यह क्यारियों, गमलों, डिब्बों आदि में लगाया जा सकता है। बहुत से लोगों का मानना है कि मनीप्लांट का पौधा घर में लगाने से सुख-समृद्धि भी आती है।
मनीप्लांट को छांव वाले स्थान पर लगाना चाहिए। समय-समय पर इसकी सूखी शाखाओं और पत्तियों की काट-छांट करते रहना चाहिए। इससे पौधे की सुंदरता और निखर जाती है।
अगर मनीप्लांट गमलों में लगे हैं तो साल-डेढ़ साल के अंतराल पर इन्हें दूसरे गमलों में लगा देना चाहिए।
मनीप्लांट के पौधों को समय-समय पर गोबर की खाद व नई मिट्टी देते रहना चाहिए। दो-तीन महीने के अंतराल पर इसके पौधों में चुटकीभर डीएपी व यूरिया खाद डालने से पत्तियां हरी बनी रहती हैं।

इसकी पत्तियों के आकार-प्रकार एवं रंग के आधार पर मनीप्लांट को कई भागों में विभाजित किया गया है। इसकी कुछ प्रमुख किस्में इस प्रकार हैं।

गोल्डन पोथो

हल्के पीले धब्बों युक्त पत्तियों वाली यह प्रजाति काफी लोकप्रिय है। दरवाजे के आसपास लटकती इसकी पत्तियां सबका मन मोह लेती हैं।

मार्बल क्वीन

इसकी पत्तियां सुंदर, सफेद संगमरमरी रंग एवं हल्के हरे धब्बों वाली होती हैं।

मेक्रोफिला

मनीप्लांट की यह काफी लोकप्रिय किस्म है। इसकी पत्तियां बड़े आकार की और पीले धब्बों वाली होती हैं।

ग्रीन ब्यूटी

इसकी पत्तियां चिकनी हरे रंग की होती हैं।

सिल्वर मून

इसका यह नाम इसकी चमकीली क्रीम रंग की आकर्षक धब्बों वाली पत्तियों के कारण पड़ा।
(दिनेश दीक्षित)

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