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एक तस्वीर बहुत कुछ बयां कर सकती है। आपको चकित या आनंदित कर सकती है। यही नहीं, अगर तस्वीर खींचने वाला यानी फोटोग्राफर कल्पनाशील और क्रिएटिव हो, उसके पास एस्थेटिक सेंस हो, तो वह संसार में मौजूद कई अद्भुत चीजों को कैमरे में कैद कर सकता है। फोटोग्राफर्स के ही कई स्वरूपों में से एक है ट्रैवल फोटोग्राफर। जिन युवाओं को नौ से पांच ड्यूटी करने की बजाय कैमरे से देश-दुनिया को एक्सप्लोर करने में आनंद आता है, उनके लिए यह एक परफेक्ट फील्ड हो सकता है। आज युवाओं को यह प्रोफेशन काफी अपील कर रहा है।

क्या है ट्रैवल फोटोग्राफी

यह फोटोग्राफी का ही एक अंग है, जिसमें किसी खास क्षेत्र के लैंडस्केप, आबादी, संस्कृति, रीति-रिवाज या इतिहास का डॉक्यूमेंटेशन होता है। एक ट्रैवल फोटो वह इमेज होती है, जिसमें हम किसी स्थान या समय की अनुभूति करते हैं, जो किसी इलाके के लोगों, वहां की संस्कृति या प्राकृतिक सौंदर्य से हमारा परिचय कराती है। एक ट्रैवल फोटोग्राफर देश-दुनिया की सैर कर, अलग-अलग प्रकार की तस्वीरें खींचता है और फिर उन्हें ट्रैवल बुक पब्लिशर्स, पोस्टकार्ड कंपनीज, मैगजीन, होटल्स, न्यूजपेपर्स, वेबसाइट्स को बेचता है। वह प्रोफेशनल या एमेच्योर दोनों हो सकता है।

पर्सनल स्किल्स

तस्वीरें खींचने का अपना मजा है, लेकिन एक सक्सेसफुल ट्रैवल फोटोग्राफर बनने के लिए ट्रैवलिंग के साथ-साथ फोटोग्राफी का भी पैशन होना चाहिए। आपके अंदर तस्वीरों के जरिए कहानी बयां करने की चाहत होनी चाहिए। आप फील्ड से जुड़ी जितनी जानकारी रखेंगे, उतना बेहतर रहेगा। इंडस्ट्री में आज जिस तरह की प्रतिस्पर्धा है, बुक्स, मैगजींस, न्यूजपेपर्स से लेकर ऑनलाइन पोर्टल्स पर विभिन्न फोटोग्राफर्स की उम्दा तस्वीरें देखने को मिलती हैं, उसके मद्देनजर जब आपका भी काम स्तरीय होगा, तो लोग खुद ही अप्रोच करेंगे। इसलिए काम में परफेक्शन और यूनीकनेस बेहद जरूरी है।

इन पर भी दें ध्यान

ट्रैवल फोटोग्राफर बनने के लिए आपके पास सबसे पहले एक डिजिटल कैमरा होना जरूरी है। इसके अलावा, लाइटिंग की समझ होनी चाहिए। रोशनी के साथ चलने और चीजों को देखने की नजर होनी चाहिए। अगर अपना पोर्टफोलियो और वेबसाइट होगा, तो प्रोफेशनल ग्रोथ मिलने में आसानी होगी। कुल मिलाकर आप जितने क्रिएटिव और टेक्निकली साउंड होंगे, विजुअल्स और कलर में दिलचस्पी रखेंगे, आपका काम उतना ही निखर कर सामने आएगा। एक ट्रैवल फोटोग्राफर को अलग-अलग जगहों की संस्कृति और परंपरा की नॉलेज होना जरूरी है।

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

आप हायर सेकंडरी या ग्रेजुएशन के बाद फोटोग्राफी से रिलेटेड कोर्स कर सकते हैं। इंडिया में कई इंस्टीट्यूट्स फोटोग्राफी और ट्रैवल फोटोग्राफी में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स कराते हैं। आप चाहें, तो ऑनलाइन रिसर्च करके भी इसके बारे में जरूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई इंस्ट्रक्शनल वीडियोज मौजूद हैं, जिन्हें फॉलो कर फोटोग्राफी की बारीकियां सीखी जा सकती हैं।

स्कोप

ट्रैवल फोटोग्राफर्स किसी ऑर्गेनाइजेशन के साथ जुड़कर या फ्रीलांसिंग कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। अगर आपके पास प्रभावशाली राइटिंग स्किल भी है, तो फोटोग्राफी के साथ-साथ ट्रैवल राइटिंग में भी हाथ आजमा सकते हैं। नेशनल ज्योग्राफी और आउटलुक ट्रैवलर्स में हमेशा क्वालिटी प्रोफेशनल्स की डिमांड रहती है। इसके अलावा, किसी स्टूडियो में या सीनियर फोटोग्राफर के असिस्टेंट के रूप में काम शुरू कर सकते हैं।

फोटोग्राफी से लगाव जरूरी फोटोग्राफी में कॉम्पिटिशन काफी टफ हो गया है। स्टॉक सेलिंग का ट्रेंड जोरों पर है। लेकिन ट्रैवल मैगजीन, ब्लॉग्स, टूर कंपनीज और ट्रैवल पोर्टल्स के आने से ट्रैवल फोटोग्राफर्स की मार्केट में डिमांड बढ़ी है। ऐसे में जिनमें फोटोग्राफी का पैशन है, जों चीजों को परखने का आर्ट जानते हैं, वे इसमें करियर का आगाज कर सकते हैं।

सुरेन्द्र सिंह, ट्रैवल फोटोग्राफर

एसएस स्टूडियो, दिल्ली

प्रमुख इंस्टीट्यूट्स

-उत्कल यूनिवर्सिटी, भुवनेश्वर

www.utkaluniversity.ac.in/

-पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे

www.unipune.ac.in/

-महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी

www.mgkvp.ac.in/

-दिल्ली स्कूल ऑफ फोटोग्राफी, दिल्ली

www.delhischoolofphotography.in

-फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे

www.ftiindia.com/

इंटरैक्शन : अंशु सिंह

Posted By: Babita kashyap

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