अगर आप समझदारी दिखाएं और कोई पार्टटाइम जॉब कर कुछ हद तक आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें, तो एजुकेशन पर होने वाले भारी खर्च से पेरेंट्स को काफी राहत दिला सकते हैं। अब भारत में भी इसके लिए कई तरह के अवसर मौजूद हैं।

महंगाई के इस जमाने में पेरेंट्स के लिए अपने बच्चों की स्टडी का खर्च अफोर्ड करना काफी मुश्किल हो गया है। एजुकेशन काफी प्रोफेशनल स्वरूप अख्तियार कर चुका है और खासकर निजी क्षेत्र के कॉलेजों, यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा बेहद महंगी होती है। भारतीय मां-बाप के पास अपने बच्चों की परवरिश से लेकर एजुकेशन, शादी आदि की तमाम जिम्मेदारियां होती हैं और वे किसी भी तरह से इसे पूरा करते ही हैं। लेकिन आजकल के भारी खर्च को देखते हुए अगर बच्चे भी कुछ समझदारी दिखाएं और कुछ हद तक आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें, तो पेरेंट्स को काफी राहत मिल सकती है।

पार्टटाइम जॉब या ट्यूशन

पढ़ाई के साथ अपना खर्च निकालने का सबसे परंपरागत और लोकप्रिय सदाबहार काम है-ट्यूशन पढ़ाना। ट्यूशन पढ़ाना स्टूडेंट के लिए सबसे बेहतर पार्टटाइम जॉब होता है। इसकी वजह यह है कि इसमें किसी तरह की पूंजी नहीं लगती है, समय कम लगता है और स्टूडेंट के अपने सब्जेक्ट का भी रिवीजन होता रहता है। आप अपने से जूनियर क्लास के स्टूडेंट्स को होम ट्यूशन दे सकते हैं। इसके अलावा, किसी कोचिंग क्लास में जाकर पढ़ाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कोचिंग क्लास में पढ़ाने पर आपको ज्यादा पैसा मिल सकता है। भारत में अब पार्टटाइम जॉब के भी कई विकल्प मौजूद हैं, जिसे आप अपना सकते हैं। यह किसी ऑफिस में काम से लेकर किसी कॉफी रिटेल शॉप या रेस्टोरेंट में सेल्समैन तक का हो सकता है।

एजुकेशन लोन एक विकल्प

हायर एजुकेशन अब काफी महंगा हो गया है और आपको कोई अच्छा प्रोफेशनल कोर्स करने में 5 से 10 लाख रुपये तक की जरूरत होती है। इतना पैसा जुटाने में आपके पेरेंट्स को काफी मुश्किल आती है। इसका एक अच्छा विकल्प यह है कि आप अपनी स्टडी के लिए एजुकेशन लोन ले लें। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी मिलने पर आप अपना एजुकेशन लोन चुका सकते हैं। एजुकेशन लोन की री-पेमेंट आपको हर महीने ईएमआई के रूप में चुकानी होती है, इसलिए ज्यादा बोझ नहीं पड़ता।

घरेलू खर्चों में योगदान दें

आपने इनकम के लिए कोई पार्टटाइम काम हासिल कर लिया, यह अच्छी बात है। यदि आप अपने पेरेंट्स के साथ रहते हैं, तो अब आपको भी घरेलू खर्चों में कुछ योगदान करना चाहिए। आपकी थोड़ी-सी भागीदारी आपके पेरेंट्स के लिए लिए बड़ी राहत बन सकती है। यदि पेरेंट्स रिटायर हो चुके हैं या होने वाले हैं तो आपका यह कदम उनके कंधे का सहारा साबित हो सकता है।

समझदारी का रास्ता

1. आत्मनिर्भर बनने के लिए आपके पास सबसे अच्छा विकल्प ट्यूशन पढ़ाने का होता है।?ट्यूशन पढ़ाना स्टूडेंट के लिए सबसे बेहतर पार्टटाइम जॉब होता है। इसके अलावा, किसी कोचिंग क्लास में जाकर पढ़ाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।?

2. पार्टटाइम जॉब के भी कई विकल्प मौजूद हैं, जिसे आप अपना सकते हैं। यह किसी ऑफिस में काम से लेकर किसी कॉफी रिटेल शॉप में सेल्समैन तक का हो सकता है। मॉल कल्चर के विस्तार से अब तमाम फूड चेन और कॉफी चेन में पार्टटाइम जॉब की अच्छी संभावना बन गई है।

3. प्रोफेशनल कोर्स पर होने वाले लाखों रुपये के खर्च के लिए आप एजुकेशन लोन ले सकते हैं। आप पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी मिलने पर अपना एजुकेशन लोन चुका सकते हैं। यह आपको हर महीने ईएमआई के रूप में चुकानी होती है, इसलिए ज्यादा बोझ नहीं पड़ता।?

4. अपनी स्टडी के लिए आप भी कुछ पैसों की बचत कर सकते हैं, ताकि अभिभावकों का बोझ हल्का हो। हायर एजुकेशन से कुछ साल पहले अच्छी योजना के साथ आप अपनी पॉकेट मनी या अपने पार्टटाइम जॉब से मिलने वाले पैसे को बचाना शुरू करें।

5. आप यदि अपने पेरेंट्स के साथ रहते हैं

तो अब आपको भी घरेलू खर्चों में कुछ योगदान करना चाहिए। आपकी थोड़ी-सी भागीदारी आपके पेरेंट्स के लिए बड़ी राहत बन सकती है।

दिनेश अग्रहरि

Posted By: Babita kashyap

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