जे के लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के 4th कन्वोकेशन समारोह का आयोजन 28 मई 2016 को यूनिवर्सिटी कैंपस में किया गया। इस समारोह के दौरान यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री भरत हरि सिंघानिया, सेबी के पूर्व चेयरमैन पद्म भूषण डॉ. डी. आर. मेहता, प्रो-चांसलर डॉ. आर पी सिंघानिया, वाईस चांसलर डॉ. आर. एल. रैना, बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट और अकादमिक काउंसिल के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि, फैकल्टी, स्टाफ, ग्रेजुएट स्टूडेंट्स एवं उनके पेरेंट्स उपस्थित थे।

इस समारोह के अंतर्गत इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट के ग्रेजुएट एवं पोस्ट-ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को डिग्री के साथ सम्मानित किया गया। स्टूडेंट्स को यह सम्मान सेबी के पूर्व चेयरमैन पद्म भूषण डॉ. डी. आर. मेहता के कर कमलों द्वारा दिया गया।

इस अवसर पर डॉ. डी. आर. मेहता ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और उन्होंने बताया कि "इनोवेशन और टेक्नोलॉजी ही अगली पीढ़ी के लिए पहचान बनाने का सशक्त रास्ता है। आज के समय में हमें अपनी सोच के स्तर को आगे बढ़ाते हुए धारा के प्रवाह के साथ सोचने की आवश्यकता है। टेक्नोलॉजी के इस तेजी से बदलते युग में हमें इनोवेशन की प्रक्रिया के लिए लचीला और प्रतिस्पर्धी होने की जरूरत है।

इस अवसर पर जे के लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री भरत हरि सिंघानिया ने स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए कहा कि उनको आने वाले कल में समाज के लिए एक परिवर्तन एजेंट के रूप में अपनी अहम भूमिका निभानी है। इस मौके पर सिंघानिया जी ने जे के ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक स्वर्गीय श्री लक्ष्मीपत सिंघानिया जी के कथनों को दोहराते हुए कहा कि "वर्तमान युग में अपनी भूमिका निभाने के लिए देश की पुकार को सुनो, लोगों को अपने कार्यक्षेत्र का चयन करते हुए उसके प्रति दृढ़ निष्ठा का परिचय देने की जरूरत है।

यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर, डॉ. रोशन लाल रैना ने भी स्टूडेंट्स को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रसिद्ध कथन "अलग ढंग से सोचने का साहस रखो, नया आविष्कार करने का साहस रखो, असंभव खोज की राह पर चलने का साहस रखो, समस्याओं को जीतने का साहस रखो, सफलता आपकी राह में होगी" को सभी के साथ साझा किया। डॉ. रैना ने स्टूडेंट्स के साथ उनके पेरेंट्स को भी बधाई दी।





By MMI Team