फाइव प्वाइंट समवन, वन नाइट एट द कॉल सेंटर, टू स्टेट्स जैसी बेस्ट सेलर किताबों के लेखक चेतन भगत बता रहे हैं सफलता के मायने और सपनों को हकीकत में बदलने का तरीका..

मैं पहले लेखक हूं, बाद में मोटिवेशनल स्पीकर। मैं किताबें लिखता हूं, आर्टिकल और कॉलम लिखता हूं। स्पीकर तो मैं एक्सीडेंटली बन गया। सिंबॉयोसिस यूनिवर्सिटी, पुणे में मुझे कहा गया कि नए एडमिशन लिए स्टूडेंट्स को कुछ स्पीच दूं। मैंने एक स्पीच दी, उसे नाम दिया गया स्पा‌र्क्स। इसे मैंने अपने ब्लॉग पर पब्लिश किया। न जाने किस तरह यह स्पीच वायरल हो गया और फिर मैं राइटर के साथ-साथ स्पीकर भी हो गया। अब तक 75 शहरों में 200 से ज्यादा स्पीचेज देने के बाद मैं कह सकता हूं कि मैंने मोटिवेशन की ताकत महसूस की है। सक्सेस के लिए इंटेलिजेंस, टैलेंट और भाग्य तीनों का अपना-अपना रोल है। इन तीनों को बैलेंस करके चलिए, सफलता खुद-ब-खुद आपके कदमों में होगी।

सक्सेस मतलब सैटिस्फैक्शन

मेरे लिए सफलता का मतलब यही है कि आप लाइफ में जो करना चाहते हैं, वह कर लें, जो पाना चाहते हैं, उसे पा लें। मेरी सबसे बड़ी सफलता यही है कि मैंने अपने पैशन को हकीकत में तब्दील कर लिया। आज हम लाइफ में दो चीजें चाहते हैं, पहली गुड करियर लाइफ और दूसरी गुड लव लाइफ। अच्छे करियर का मतलब है, आप अपने जॉब या बिजनेस से संतुष्ट हों, आप जो करना चाहते थे, वह कर रहे हों और अच्छी लव लाइफ का मतलब है, आपको फ्रीडम हो, आप अपने मन मुताबिक पार्टनर चुन सकें। अगर आपके पास ये दोनों है, तो यही सफलता कही जा सकती है।

पैशन की कोई कीमत नहीं

एक राइटर के रूप में मैं हर रोज अपने आस-पास की हर चीज से इंस्पिरेशन लेता हूं। यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। लाइफ में अगर आपको कुछ करना है, तो इसकी कीमत चुकाने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। भले ही मैं बैंक में जॉब करता था, लेकिन मुझे राइटर बनने का ही पैशन था। जब मैंने रिजॉइन किया, तो बैंक ने मुझे रोकने की बहुत कोशिश की। मुझसे यह भी कहा गया कि अगर आप रुक जाते हैं, तो जल्द ही आपको मर्सिडीज कार दी जाएगी। मैंने उसकी परवाह नहीं की और अपने पैशन को प्रिऑरिटी दी। आप नहीं जानते, लाइफ आपके भीतर क्या स्टोर कर चुकी है। मैंने एक बार अपने पैशन की वजह से मर्सिडीज ठुकरा दी और आज उसी पैशन की वजह से मेरे पास मर्सिडीज है।

सेफ जोन से बाहर निकलें

हम में से कई लोग जॉब करते हैं और एक दिन अपना बिजनेस खड़ा करने की सोचते हैं। उनमें से कुछ कोशिश भी करते हैं, कुछ सफल होते हैं, कुछ असफल होते हैं। लेकिन सबके साथ एक चीज हमेशा रहती है, सिक्योरिटी की जरूरत। हर कोई सिक्योरिटी चाहता है, चाहे वह जॉब हो या बिजनेस। मैंने भी करीब दस साल तक बैंक में नौकरी की, तब जाकर यह डिसाइड कर पाया कि अब जॉब नहीं करनी है। भले कितना ही वक्त लगे, लेकिन लाइफ आपकी है, इसे प्लान भी आपको ही करना पड़ेगा। बिना रिस्क लिए आप आगे नहीं बढ़ सकते।

डिलीवर योर बेस्ट क्वालिटी

भारत बदल रहा है। ऐसा नहीं है कि यहां कुछ करने को नहीं है, नौकरियां नहीं हैं या आप पैसे नहीं कमा सकते। यहां ये सब है, लेकिन उनके लिए है, जो सीखने के लिए कमिटेड हैं, जो रिस्क लेने का माद्दा रखते हैं और किसी भी काम में क्वालिटी डिलीवर करना जानते हैं। जिनमें क्वालिटी होगी, उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता और ऐसे लोग कहीं भी, कुछ भी कर लेंगे।

अंतिम पल का सुकून

अगर आपका कोई सपना है। लीक से हटकर कुछ करना चाहते हैं, तो करते क्यों नहीं? किसने रोका है? किस बात का डर है? यह न सोचें कि आप नाकाम हो जाएंगे। जरा सोचिए, जब आप इस दुनिया से जा रहे हों, उस वक्त आप अपने लिए क्या सोचना चाहते हैं, मैं नाकाम हो गया या मैंने कभी कोशिश भी नहीं की। इनमें से एक चुन लीजिए, इसका जवाब ही आपकी जिंदगी तय करेगा। आपको आगे बढ़ाएगा। आपको वह सब कुछ मिलेगा, जो आप ख्वाहिश रखते होंगे।

इंटरैक्शन: मिथिलेश श्रीवास्तव

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