मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) के होनहार छात्र ने एक फिर कमाल कर दिया। बीटेक मैकेनिकल के छात्र रहे हर्ष ने सिविल सिर्विसेज की परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर हर्षाने का मौका दिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्र को शुभकानाएं दी हैं।

खंदारी के रहने वाले हर्ष ने सिविल सर्विसपरीक्षा में ओवरऑल 157वीं रैंक झटक ली है। पेशे से इंजीनियर हर्ष ने नौकरी छोड़कर सिविल सेवाओं की राह पकड़ी है। 15 दिन पहले ही उन्होंने आर्म्ड फोर्स ज्वाइन की थी।

सुभाशचंद्र सक्सेना और रंजना सक्सेना के पुत्र हर्ष कुमार ने जीएलए विश्वविद्यालय से वर्श 2010 में बीटेक मैकेनिकल की डिग्री हासिल की। इसके बाद विश्वविद्यालय से ही कैंपस प्लेसमेंट के दौरान चयनित हुए हर्ष ने दो वर्ष तक देश की प्रतिश्ठित कंपनी इंफोसिस में नौकरी की, लेकिन यह हर्ष की मंजिल नहीं थी। आईएएस बनने का ख्वाब पाले हुए हर्ष को नौकरी रास नहीं आई। लिहाजा इसे छोड़कर सिविल की तैयारी में लग गए। नतीजा सामने हैं। उन्होंने भूगोल जैसे विषय को लेकर तैयारी की थी। हर्ष बताते हैं कि अभी उन्हें पद के बारे में पता नहीं है। यह रिक्तियों के हिसाब से पता चलेगा।

हर्ष ने बताया कि साक्षात्कार में उनसे शिक्षा, इंजीनियरिंग और आगरा के बारे में पूछा गया। उन्होंने सबसे बड़ी समस्या इन्फ्रास्ट्रक्चर बताई। यमुना की गंदगी, सरकार और लोगों के बीच में दूरी को भी बताया। उन्होंने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय से पढ़कर उन्होंने कभी भी किसी कोचिंग की तैयारी नहीं की। क्योंकि विश्वविद्यालय की पढ़ाई का स्तर ही अपने आप में ऊंचाईयों तक ले जाता है। कड़ी व नियमित मेहनत और लगातार न्यूज पेपर रीडिंग के जरिए बाकी लोग भी इस विश्वविद्यालय से सफलता हासिल कर सकते हैं।

विश्वविद्यालयके सेक्रेटरी सोसायटी एवं कोशाध्यक्ष श्री नीरज अग्रवाल ने छात्र शुभाशीष प्रदान करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे ही कई छात्रों ने आईएएस और पीसीएस की परीक्षा में सफलता हासिल आसमां को चूमा है। उन्होंने बताया कि सफलता हासिल करने के लिए छात्र संयम बरतें। तनाव न पालें। पढ़ाई में घंटे मायने नहीं रखते। जितना भी पढ़ें, अच्छे से पढ़ें। साते से आठ घंटे की पढ़ाई भी बहुत है। किताबों के अलावा इंटरनेट बड़ा जरूरी है। इसके बिना तैयारी मुश्किल है।

Posted By: MMI Team