हाल के वर्षो में ई-कॉमर्स में आई तेजी की वजह से सप्लाई चेन मैनेजमेंट के क्षेत्र में जॉब की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। आइए जानते हैं, इस फील्ड में कैसे करें एंट्री..

क्या आपने कभी टेलीविजन पर कोई कॉमर्शियल देखा और फिर वह प्रोडक्ट खरीदने सीधे शॉप पर पहुंच गए? अगर हां, तो इसका मतलब यह है कि कंपनी ने अपने सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर पूरा ध्यान दिया है, जिसकी वजह से वह सामान आसानी से रिटेल स्टोर पर पहुंच जाता है। डेल, नोकिया, प्रॉक्टर ऐंड गैंबल, वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी कंपनियां आज अगर सक्सेसफुल हैं, तो इसमें उनके सप्लाई चेन मैनेजमेंट का काफी बड़ा रोल है। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में तो सप्लाई चेन किसी नर्वस सिस्टम की तरह काम करता है। इन दिनों ई-कॉमर्स के क्षेत्र में जो बूम आया है, उसकी वजह से सप्लाई चेन मैनेजर्स की डिमांड बढ़ गई है। हालांकि मार्केट में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की कमी है। ऐसे में अगर आप बड़े बजट, कॉम्प्लेक्स ट्रांजैक्शन और मल्टीपल सप्लायर्स के साथ निगोशिएट कर सकते हैं, तो इस सुनहरे मौके का फायदा उठा सकते हैं।

आखिरी सिरे तक मैनेजमेंट

आज के समय में हर कोई दुनिया के किसी भी कोने से कोई भी प्रोडक्ट हासिल कर सकता है। यह सब सप्लाई चेन मैनेजमेंट की वजह से संभव हो सका है, यानी वह सारी क्रियाएं और प्रक्रियाएं, जिनके जरिये एक प्रोडक्ट कंज्यूमर्स के हाथों तक पहुंचता है, उन्हें सप्लाई चेन मैनेजमेंट कहते हैं। इसमें उत्पाद की डिजाइनिंग और उसे मार्केट से कस्टमर के घर तक पहुंचाने का पूरा प्रॉसेस शामिल है। सप्लाई चेन मैनेजमेंट में प्लानिंग, फोरकास्टिंग, परचेजिंग, स्टोरिंग और प्रोडक्ट की ट्रैकिंग पर भी काफी ध्यान दिया जाता है। इस तरह किसी भी उत्पाद को बेहतर, तेज और सस्ते दर पर कस्टमर्स तक पहुंचाना ही सप्लाई चेन मैनेजमेंट कहलाता है।

वर्क प्रोफाइल

सप्लाई चेन मैनेजर्स को डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, स्ट्रेटेजी, इंफॉर्मेशन, इनवेंट्री मैनेजमेंट से लेकर कैश फ्लो तक का काम देखना होता है। सप्लाई चेन मैनेजमेंट के अंतर्गत रिटेलर्स, मैन्युफैक्चर्स, ट्रांसपोर्टेशन कंपनीज और डिस्ट्रीब्यूटर्स, सभी से बात करनी होती है, उनसे मदद लेनी होती है। इस फील्ड में मुख्य रूप से तीन तरह के सेक्टर्स हैं, लॉजिस्टिक्स ऐंड ट्रांसपोर्टेशन, प्रोक्योरमेंट ऐंड वेंडर मैनेजमेंट और इनवेंट्री मैनेजमेंट।

जॉब संभावनाएं

ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में कई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अपने उत्पाद के वितरण के लिए स्ट्रॉन्ग सप्लाई चेन सिस्टम विकसित करने पर जोर दे रही हैं। ऐसे में उन्हें हमेशा स्किल्ड सप्लाई चेन मैनेजर्स की जरूरत होती है, क्योंकि अगर सप्लाई चेन मजबूत होगा, तो इससे कंपनी की प्रोडक्टिविटी भी बेहतर होगी। कोर्स पूरा करने के बाद नौजवान छोटे-बड़े बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन, लॉजिस्टिक कंपनी, ट्रांसपोर्टेशन सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ कमोडिटी बायर, सप्लाई प्लानर, सप्लायर मैनेजर, पर्चेजिंग एग्जिक्यूटिव, इंप्लीमेंटेशन मैनेजर, प्रोक्योरमेंट ऑफिसर, मैटीरियल मैनेजर, इनवेंट्री मैनेजर के रूप में काम कर सकते हैं।

बेसिक स्किल्स

अगर आप सप्लाई चेन मैनेजमेंट में कामयाब होना चाहते हैं, तो कुछ बेसिक स्किल्स के साथ दिलचस्पी और पर्सनल डिसीजन लेने की क्षमता होनी जरूरी है, जैसे-आपके पास बिजनेस स्किल, सप्लाई चेन प्रॉसेस की नॉलेज, मैनेजमेंट स्किल,

फ्लेक्सिबिलिटी आदि होनी चाहिए, क्योंकि सप्लाई चेन मैनेजमेंट के तहत आपको लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और मैन्युफैत्रिंग फील्ड से रिलेटेड लोगों से तालमेल रखकर काम करना होगा।

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

इस समय देश में कई मैनेजमेंट और टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स सप्लाई चेन मैनेजमेंट में कोर्स संचालित कर रहे हैं। आप इसमें डिप्लोमा से लेकर पोस्टग्रेजुएशन डिग्री हासिल कर सकते हैं। हां, इसके लिए स्टूडेंट्स को रिटेल मैनेजमेंट या फाइनेंस में ग्रेजुएशन करना होगा। आप चाहें तो बीबीए, बीटेक या बीइ करके भी पोस्टग्रेजुएशन कर सकते हैं। इसके अलावा कन्फडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआइआइ) से भी सप्लाई चेन मैनेजमेंट में सर्टिफिकेशन कोर्स किया जा सकता है।

सैलरी पैकेज

एक सप्लाई चेन मैनेजर शुरू में 10-15 हजार रुपये महीने कमा सकता है। दो-तीन साल के अनुभव के बाद सैलरी 25 हजार रुपये तक हो सकती है। हायर लेवल तक पहुंचते-पहुंचते दस से पंद्रह लाख रुपये सालाना हासिल किए जा सकते हैं। (जागरण फीचर)

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