जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम), विशाल गोप। एक किशोर ने प्रेमिका से बात नहीं होने पर ऐसा कदम उठाया कि नजर पड़ते ही पुलिस के हाथ-पांव फूलने लगे। यह महज संयोग रहा कि तत्काल पुलिस ने किशोर को अपने कब्जे में लिया अन्यथा वह जान गवां बैठता।

दक्षिण-पूर्व रेलवे चक्रधरपुर डिवीजन के डांगुवापोसी - बड़बिल रेलखंड के बड़ाजामदा रेलक्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर  बीचोबीच आराम से किशोर लेटा हुआ था। उसे यह भी भय नहीं था कि इस ट्रैक पर रेल गाडि़यां हर दसवें मिनट में गुजरती है। वह बिंदास पटरी पर लेटा हुआ था मानो मखमल की बिस्तर पर लेटा हो। गुजर रहे डांगुवापोसी आरपीएफ एसआई यूके गौतम और कैंपनिंग स्टॉफ सिटी आरके दास की नजर किशोर पर पड़ गई। दोनों उसे वहां से उठाकर बड़ाजामदा आरपीएफ कैंप ले गए। फिर उससे पूछताछ की गई और पटरी पर लेटने की वजह जानी गई। किशोर ने जो कारण बताई उससे पुलिस भी दंग रह गई। 

रिश्तेदार के घर चली गई है प्रेमिका

आरपीएफ जवान के साथ रवि सांडिल। 

किशोर ने बताया कि वह रवि सांडिल है और कोलोदसाई रेलवे साईडिंग बड़ाजामदा का रहनेवाला है। उसकी उम्र 16 वर्ष है। उसको एक लड़की से इश्क हो गया है। लड़की बड़ाजामदा की ही रहनेवाली है। वह किसी कारणवश बड़ाजामदा से जगन्नाथपुर क्षेत्र में अपने किसी रिश्तेदार के यहां आ गई है। इस बात से वह दु:खी हो गया। रवि ने आरपीएफ को बताया कि उसकी प्रेमिका उससे बात नहीं कर रही है। इससे वह मानसिक तनाव में आ गया और जान देने की नीयत से रेलवे ट्रैक पर जाकर बीचोबीच लेट गया।

आरपीएफ ने समझा-बुझाकर कर दिया परिजनों को हवाले

इसके बाद आरपीएफ के पदाधिकारियों ने रवि को समझाया कि इस तरह जीवन को खतरे में डालने वाला कोई भी काम नहीं करना है। जीवन अनमोल है। इसे अपने परिवार के लिए सुरक्षित रखो। शिक्षा से जुड़ो। पढ़-लिख कर काबिल इंसान बनो। आरपीएफ ने किशोर के परिजन को बुलाकर अच्छी तरह समझा-बुझाकर उसके हवाले कर दिया। किशोर के भाई ने आरपीएफ को बताया कि रवि अपनी प्रेमिका को लेकर हमेशा परेशान रहता था। हालांकि, प्रेमिका के बारे में उसे पता नहीं। 

गुजरने ही वाली थी जनशताब्दी एक्सप्रेस

जिस रेलवे ट्रैक पर रवि सांडिल  आत्महत्या करने की नीयत से लेटा हुआ था उस ट्रैक पर बड़बिल-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस करीब 2.14 बजे गुजरने वाली थी तभी ऐन वक्त पर आरपीएफ एसआइ यूके गौतम और कैम्पनिंग ड्यूटी स्टाफ आरके दास की नजर पड़ गई और दोनों ने उसे बचा लिया। यदि 8 मिनट देर हो जाती तो रवि सांडिल के साथ एक बड़ी अनहोनी घटना घट सकती थी। डांगुवापोसी आरपीएफ एसआई यूके दास ने बताया कि अपने विशेष अभियान को लेकर वे इस ट्रैक तथा आसपास क्षेत्र में कैम्पनिंग टीम के साथ कार्य कर रहे थे। तभी उनकी नजर रेलवे ट्रैक पर पड़ी। और समय रहते रवि को ट्रैक से हटा लिया गया। 

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