पश्चिमी सिंहभूम में कस्तूरबा स्कूल की कॉपी खरीद पर उठे सवाल, बाजार से ₹15-20 अधिक दर पर हुई सप्लाई
पश्चिमी सिंहभूम के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कॉपी खरीद पर सवाल उठे हैं। बाजार मूल्य से ₹15-20 अधिक दर ...और पढ़ें
-1784791214028_m.webp)
AI Generated Image
जागरण संवाददाता, चाईबासा। झारखंड शिक्षा परियोजना, पश्चिमी सिंहभूम के तहत संचालित 18 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के लिए जुलाई 2025 में जारी टेंडर में कापियों की खरीद को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
आरोप है कि बाजार में उपलब्ध कीमत से अधिक दर पर कॉपियों की आपूर्ति कर भुगतान भी कर दिया गया है। यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई गई तो लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आ सकती है। इन विद्यालयों में सात से आठ आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से स्टेशनरी सामग्री की आपूर्ति की जा रही है।
कॉपियों की कीमत में बड़ा अंतर
झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से जारी टेंडर में चयनित एजेंसी द्वारा कापियों की स्वीकृत दरें बाजार मूल्य से अधिक बताई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार जिस कंपनी की कापी बाजार में लगभग 60 रुपये में उपलब्ध है, उसकी आपूर्ति 75 रुपये प्रति कापी की दर से की गई। वहीं, करीब 65 रुपये मूल्य वाली कापी 80 रुपये प्रति कापी की दर से आपूर्ति की गई।
| सामग्री का नाम | टेंडर दर (₹) | बाजार दर (लगभग ₹) | अंतर (₹) |
|---|---|---|---|
| 172 पृष्ठ रूलिंग कापी (मध्यम) | 80 | 65 | 15 अधिक |
| 172 पृष्ठ रूलिंग कॉपी (लंबा) | 80 | 65 | 15 अधिक |
| 172 पृष्ठ सादा कॉपी | 75 | 60 | 15 अधिक |
| ड्राइंग कॉपी | 75 | 60 | 15 अधिक |
20 विद्यालयों में आपूर्ति से बढ़ सकता है अंतर
शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि जब यही दरें जिले के सभी 20 आवासीय विद्यालयों में लागू होती हैं तो प्रति कापी 15 से 20 रुपये का अंतर बड़ी राशि में बदल जाता है। हजारों कापियों की खरीद को देखते हुए यह अंतर लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।
यह भी पढ़ें- खूंटी में बनई नदी पर बनेगा छलटा डैम, श्रद्धालुओं को मिलेगी स्नान और आने-जाने की सुविधा
