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पश्चिमी सिंहभूम में कस्तूरबा स्कूल की कॉपी खरीद पर उठे सवाल, बाजार से ₹15-20 अधिक दर पर हुई सप्लाई

Published: Thu, 23 Jul 2026 12:51 PM (IST)

पश्चिमी सिंहभूम के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कॉपी खरीद पर सवाल उठे हैं। बाजार मूल्य से ₹15-20 अधिक दर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, चाईबासा। झारखंड शिक्षा परियोजना, पश्चिमी सिंहभूम के तहत संचालित 18 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के लिए जुलाई 2025 में जारी टेंडर में कापियों की खरीद को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

आरोप है कि बाजार में उपलब्ध कीमत से अधिक दर पर कॉपियों की आपूर्ति कर भुगतान भी कर दिया गया है। यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई गई तो लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आ सकती है। इन विद्यालयों में सात से आठ आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से स्टेशनरी सामग्री की आपूर्ति की जा रही है।

कॉपियों की कीमत में बड़ा अंतर

झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से जारी टेंडर में चयनित एजेंसी द्वारा कापियों की स्वीकृत दरें बाजार मूल्य से अधिक बताई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार जिस कंपनी की कापी बाजार में लगभग 60 रुपये में उपलब्ध है, उसकी आपूर्ति 75 रुपये प्रति कापी की दर से की गई। वहीं, करीब 65 रुपये मूल्य वाली कापी 80 रुपये प्रति कापी की दर से आपूर्ति की गई।

सामग्री का नाम टेंडर दर (₹) बाजार दर (लगभग ₹) अंतर (₹)
172 पृष्ठ रूलिंग कापी (मध्यम) 80 65 15 अधिक
172 पृष्ठ रूलिंग कॉपी (लंबा) 80 65 15 अधिक
172 पृष्ठ सादा कॉपी 75 60 15 अधिक
ड्राइंग कॉपी 75 60 15 अधिक

20 विद्यालयों में आपूर्ति से बढ़ सकता है अंतर

शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि जब यही दरें जिले के सभी 20 आवासीय विद्यालयों में लागू होती हैं तो प्रति कापी 15 से 20 रुपये का अंतर बड़ी राशि में बदल जाता है। हजारों कापियों की खरीद को देखते हुए यह अंतर लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।

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जिले के आवासीय विद्यालयों में यदि बाजार मूल्य से अधिक दर पर कापियों की आपूर्ति की गयी है, तो इसकी जांच करायी जायेगी। यदि गड़बड़ी पायी जाती है तो संबंधित लोगों को कार्रवाई के दायरे में लाया जायेगा।

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प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पश्चिमी सिंहभूम।