जागरण संवाददाता, चाईबासा : चाईबासा में बुधवार को सुहागिनों और कुंवारी कन्याओं ने हरितालिका तीज का निर्जला व्रत रखा। शाम को नए कपड़े पहनने के बाद सोलह श्रृंगार कर सुहागिन महिलाओं ने भगवान शंकर की विधि विधान से पूजा की। वहीं कुंआरी कन्याओं ने व्रत रखकर मनचाहे वर प्राप्ति की कामना की। शाम को पूजन-अर्चन के बाद कुछ महिलाओं ने फलाहार का सेवन किया तो कुछ ने जल तक ग्रहण नहीं किया। व्रत का पारायण गुरुवार की सुबह भगवान भोलेनाथ के ध्यान के बाद किया जाएगा।

शिवपुराण के मुताबिक माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए 12 साल तक बेलपत्र और जल पीकर तपस्या की थी। कथा पर जाएं तो कलयुग में कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर पाने के लिए तीन दिन निर्जला व्रत रखने का प्राविधान किया गया था, लेकिन भगवान भोलेनाथ ने इसे एक दिन के लिए कर दिया। इसके अलावा यह व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं का सुहाग कभी संकट में नहीं पड़ सकता, तब से लेकर आज तक इस व्रत का महत्व महिलाओं के लिए बना हुआ है।

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पति की लंबी आयु के लिए हरतालिका का व्रत रखा है। पति व परिवार की खुशहाली के लिए इस व्रत को पिछले 35 वर्ष से रखते आ रही हूं।

फोटो -3- आशा प्रसाद, यूरोपियन क्वार्टर।

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24 घंटे निर्जला रहकर इस व्रत का पालन कर रही हूं। यह व्रत थोड़ा तो कठिन लगता है लेकिन जहां पर आस्था जुड़ी रहती वहां सब-कुछ छोड़कर सिर्फ ध्यान माता पार्वती-भगवान शिव व गणेश पर जाता है।

फोटो -4- अर्चना प्रसाद, यूरोपियन क्वार्टर।

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शादी से पहले घर में हरतालिका की पूजा होती थी, मां को पूजन करते देखा करते थे। शादी हुई तो यह व्रत रखना शुरू किया। पिछले दो वर्ष से तीज कर रही हूं।

फोटो -5- अनुराधा प्रसाद। यूरोपियन क्वार्टर

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हरतालिका व्रत में घर पर गुझिया, ठेकुवा व पांच तरह के फल पूजा के दौरान भगवान शिव- माता पार्वती व नंदी गणेश पर चढ़ाए जाते है। बालू के शिव¨लग, पार्वती व गणेश को बनाया जाता है।

फोटो -6- ¨पकी विश्वकर्मा, मधुबाजार।

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शादी के बाद से हर साल तीज का व्रत रख रही हूं। घर पर पुरोहित से माता-पार्वती की कथा सुनी है। शाम को पूजा की। अब गुरुवार की सुबह पारण करुंगी।

फोटो -7- आरती देवी, मधुबाजार।

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हरतालिका का व्रत रखकर माता पार्वती ने शिव को पाया है। शिव-पार्वती से पति व परिवार की खुशहाली के लिए इस व्रत का पालन कर रही हूं। परिवार के सहयोग से व्रत में कोई कठिनाई नहीं आ रही।

फोटो -8- श्वेता प्रकाश, नीमडीह न्यू कॉलोनी।

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घर में बालू के भगवान शिव, माता पार्वती व नंदी गणेश की प्रतिमा बनाई है। शाम को पंडित जी से माता पार्वती की कथा सुनी। माता पार्वती की बातों को अनुसरण करने का प्रयास करती हूं।

फोटो -9- नम्रता प्रकाश, नीमडीह न्यू कॉलोनी।

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हरतालिका तीज अपने पति की लंबी आयु के लिए पिछले 32 वर्षो से रखती आ रही हूं। अभी इलाज चल रहा है। इसके बावजूद व्रत रखते आई हूं तो इस बार कैसे छोड़ सकती हूं।

फोटो-10-अनीता राय, गांधीटोला।

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Posted By: Jagran