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अफवाहों से बचें: सोनुआ में जिस महिला को बच्चा चोर समझकर पकड़ा, वह निकली मानसिक रूप से विक्षिप्त

Published: Thu, 26 Feb 2026 07:08 PM (IST)

पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ में 'बच्चा चोर' गिरोह की अफवाहों से दहशत फैल गई है। खूंटपानी से एक बच्चे के ...और पढ़ें

बच्‍चा चोर की आरोपित महिला।

बच्‍चा चोर की आरोपित महिला।

HighLights

  1. सोनुआ में 'बच्चा चोर' अफवाहों से आम जनता में दहशत।

  2. पकड़ी गई महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त निकली, चोर नहीं।

  3. पुलिस ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

जागरण संवाददाता, सोनुआ । पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों 'बच्चा चोर' गिरोह के सक्रिय होने की अफवाहों और चर्चाओं ने आम जनता के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। खूंटपानी से एक चार वर्षीय मासूम के लापता होने के बाद यह डर और गहरा गया है। 
 
इस बीच, बुधवार को सोनुआ थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार शाम कोचापुर गांव में एक महिला को संदिग्ध अवस्था में घूमते देख ग्रामीणों ने उसे 'बच्चा चोर' समझकर पकड़ लिया। 
 
ग्रामीणों का आरोप था कि महिला एक छोटे बच्चे को उठाकर ले जाने की कोशिश कर रही थी। महिला द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर ग्रामीणों ने तुरंत सोनुआ थाना को सूचित किया।  

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा 

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा ने जांच शुरू की।
 
जांच में पता चला कि पकड़ी गई महिला बच्चा चोर नहीं, बल्कि मानसिक रूप से विक्षिप्त है। वह बोकारो जिले के पिंडराजोड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और पिछले तीन वर्षों से मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण अक्सर घर से कहीं भी निकल जाती है।
 
पुलिस ने उसके परिजनों और संबंधित मुखिया को सूचना दे दी है। सोनुआ क्षेत्र में ही एक अन्य संदिग्ध मामला प्रकाश में आया है।  

बुजुर्ग को जबरन ले जाने की कोशिश 

देवांबीर गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति को एक चौपहिया वाहन में सवार तीन-चार लोगों ने देसी शराब पिलाने का झांसा देकर जबरन बैठा लिया। वे उन्हें चक्रधरपुर की ओर ले जा रहे थे। रास्ते में शक होने पर बुजुर्ग बैधमारा के पास किसी तरह गाड़ी से उतरने में सफल रहे, जिससे एक अनहोनी टल गई। 

पुलिस की अपील 

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही 'बच्चा चोरी' की अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।