यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पूजा अर्चना कर सरना झंडा का किया गया स्थापना
बुढ़ाहुडी गांव को बचाने के समस्त धार्मिक और सामाजिक संगठनों को बचाने की प्रार्थना की गई।

पूजा अर्चना कर सरना झंडा का किया गया स्थापना
संवाद सूत्र, मनोहरपुर : प्रखण्ड के बुढ़ाहुडी में भवन का शुक्रवार को उद्घाटन सह सरना झंडा का स्थापना किया गया। कुडुख सरना जागरण मंच मनोहरपुर आनंदपुर के संयुक्त तत्वावधान में मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम बुढ़ाहुडी में बोदे खलखो के अध्यक्षता में पाहन पूजारी विजला खलखो व सुधीर केरकेट्टा द्वारा विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर सरना झंडा स्थापना किया गया। ईस्ट चाला आयो धर्मेश बाबा से राज्य की खुशहाली और विकास की कामना करते हुए ऐतिहासिक धरोहर बुढ़ाहुडी गांव को बचाने के समस्त धार्मिक और सामाजिक संगठनों को बचाने की प्रार्थना की गई। मौके पर धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर घेरा बन्दी कर बचाए जाने पर चर्चा किया गया। जिससे आदिवासी को अपने धर्म से जो भटक कर दूसरा धर्म में न जाए। कार्यक्रम को सरना झंडा बदली समारोह के रूप में मनाया गया। झंडा बदलने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। मनोहरपुर व आनंदपुर प्रखंड के विभिन्न गांव से कार्यक्रम में पहुंचे समाज के लोगों से पारंपरिक नृत्य गीत भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम मुख्य अतिथि राजी पड़हा प्रार्थना सभा राउरकेला से धर्म आयो मणिलाल केरकेट्टा, झारियो केरकेट्टा, मीना तिर्की, लोहरदगा से आई राधा तिर्की, गुमला से शीला उरांव, रांची से कामले उरांव मुड़मा, एतवा किस्पोटा, बिरसी बाड़ा, सुशील ख़ालखो, गंगी टोप्पो, सुमित्रा तिर्की, बोदे खलखो, महादेव तिर्की, हो समाज से इन्द्रजीत सामद, कुडुख सरना जागरण मंच मनोहरपुर आनंदपुर अध्यक्ष रोबी लकड़ा, युवा अध्यक्ष तिला तिर्की, सचिव श्री गंझू, बारवा बांधना तिर्की, बुधेश्वर धनवार, छोटू खलखो, कर्मा केरकेट्टा, मंगल एक्का, राजकुमार कच्छप, शैलू कच्छप, पतरस कुजूर, श्याम सुन्दर तिर्की, एतवा उरांव, तिला तिर्की, बंधना उरांव, डेविड केरकेट्टा, रामनाथ किस्पोटा, मोहनलाल कच्छप, मंगरा एक्का, जगरा तिर्की, बसन्ती बरवा सहित लगभग 48 गांव से सरना समाज के लोग शामिल हुए।
