अंबानी-अडाणी के साथ सूची में चाईबासा का नाम: फॉर्च्यून इंडिया की लिस्ट में 67वें स्थान पर रुंगटा माइंस, मिली राष्ट्रीय पहचान
रुंगटा माइंस के नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा ने पहली बार फॉर्च्यून इंडिया की देश के टॉप-100 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में 67वां स्थान हासिल किया है।

रुंगटा माइंस के नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा ने पहली बार 'फॉर्च्यूनइंडिया' की देश के टॉप-100 सबसे अमीर व्यक्तियों की प्रतिष्ठित सूची में अपनी जगह बनाई है।
HighLights
रुंगटा माइंस के नंदलाल और मुकुंद रुंगटा सूची में शामिल।
फॉर्च्यून इंडिया की टॉप-100 सूची में 67वां स्थान प्राप्त।
लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ मिली पहचान।
जासं, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के खनन क्षेत्र और चाईबासा से गहरा कारोबारी रिश्ता रखने वाले रुंगटा परिवार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
रुंगटा माइंस के नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा ने पहली बार 'फॉर्च्यून इंडिया' की देश के टॉप-100 सबसे अमीर व्यक्तियों की प्रतिष्ठित सूची में अपनी जगह बनाई है। खनन उद्योग के क्षेत्र में लंबे समय से पहचान बना चुके रुंगटा परिवार के लिए यह एक बड़ा मुकाम माना जा रहा है।
40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ 67वां स्थान
फॉर्च्यून इंडिया द्वारा जारी नवीनतम सूची के अनुसार, नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा की कुल संपत्ति वर्ष 2026 में करीब 40 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस विशाल नेटवर्थ के साथ दोनों उद्योगपतियों को सूची में 67वें स्थान पर रखा गया है। यह पहला मौका है जब रुंगटा परिवार ने देश के सबसे अमीर 100 व्यक्तियों के क्लब में सीधी एंट्री मारी है।
चाईबासा के खनन कारोबार को मिली नई पहचान
पश्चिमी सिंहभूम और चाईबासा की पहचान देश के सबसे प्रमुख खनिज और लौह अयस्क (Iron Ore) समृद्ध क्षेत्रों के रूप में होती है।
यहां मौजूद विशाल खनिज संपदा ने कई औद्योगिक घरानों को जन्म दिया है, जिनमें 'रुंगटा माइंस' का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जाता है।
स्थानीय स्तर से शुरुआत कर राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल करना चाईबासा की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता को रेखांकित करता है।
दिग्गज उद्योगपतियों के बीच दर्ज कराई मौजूदगी
फॉर्च्यून इंडिया की इस सूची में देश के सबसे बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी शीर्ष पायदानों पर काबिज हैं, जबकि सावित्री जिंदल की संपत्ति में सर्वाधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके अलावा श्याम भारती और हरि भारती की संपत्ति में 78 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। देश के इन नामचीन कॉरपोरेट दिग्गजों के बीच नंदलाल और मुकुंद रुंगटा का 67वें पायदान पर जगह बनाना चाईबासा और पूरे झारखंड के कारोबारी जगत के लिए गर्व का विषय है।
खनन से राष्ट्रीय पहचान तक का यह सफर चाईबासा के औद्योगिक इतिहास में एक सुनहरे और उल्लेखनीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।
