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सोनुवा के फुटबॉल स्टार राजा की घर वापसी: 13 साल पहले ट्रेन में भटककर पहुंचा था केरल

Published: Sun, 22 Feb 2026 11:31 PM (IST)

पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा से राजा गोप 13 साल बाद घर लौटे हैं। 2013 में 8 साल की उम्र में ...और पढ़ें

केरल के कन्नूर जिले में एक बालगृह में राजा गोप।

केरल के कन्नूर जिले में एक बालगृह में राजा गोप।

HighLights

  1. केरल में बने पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी।

  2. पश्चिमी सिंहभूम के हांडिमारा गांव वापसी।

जागरण संसू, सोनुवा नियति के खेल और तकनीक के मेल ने एक मां को उसका खोया हुआ बेटा 13 साल बाद वापस लौटा दिया है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना अंतर्गत हांडिमारा गांव का 21 वर्षीय युवक राजा गोप जल्द ही अपने घर की दहलीज पर कदम रखेगा। 
 
यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है। एक मासूम बच्चा जो 2013 में दुकान से चावल लेने निकला था, वह हजारों किलोमीटर दूर केरल पहुंच गया और आज एक पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी बनकर अपने गांव लौट रहा है।  

50 रुपये लेकर निकला था, फिर कभी नहीं लौटा 

बात साल 2013 की है। राजा गोप उस समय हांडिमारा मध्य विद्यालय में कक्षा एक का छात्र था और उसकी उम्र महज 8 साल थी। एक दिन उसके पिता बलराम गोप ने उसे पास की दुकान से चावल लाने के लिए 50 दिए थे। 
 
बच्चा घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी बहुत खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। 
थक-हारकर और गरीबी से जूझते हुए परिवार ने उसकी उम्मीद छोड़ दी। इस बीच 2016 में पिता बलराम गोप का भी निधन हो गया।

केरल में मिला ठिकाना और बनी नई पहचान 

भटकते हुए राजा किसी तरह ट्रेन से केरल के कन्नूर जिले पहुंच गया था। वहां उसे एक संस्था के बाल आश्रयगृह में जगह मिली। इसी आश्रयगृह में राजा का पालन-पोषण हुआ। 
 
वहां रहते हुए राजा ने न केवल पढ़ाई की, बल्कि फुटबॉल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। आज राजा एक बड़े फुटबॉल क्लब के लिए खेलता है और केरल के खेल जगत में अपनी पहचान बना चुका है। 
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राजा के परिजनों से सम्पर्क करने हांडिमारा गांव पहुंची पुलिस।

पुलिस और चाइल्ड लाइन की सक्रियता ने मिलाया परिवार 

हाल ही में कन्नूर चाइल्ड लाइन ने पश्चिमी सिंहभूम पुलिस को सूचना दी कि उनके यहां झारखंड का एक युवक पिछले 13 वर्षों से रह रहा है। एसपी के निर्देश पर जिले के सभी थानों में खोजबीन शुरू हुई। 
 
सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर युवक की फोटो प्रसारित की गई। सोनुवा थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा ने तत्परता दिखाते हुए हांडिमारा गांव में मुखिया और ग्रामीणों से संपर्क किया। 
 
जब युवक की मां मानी गोप और परिजनों से वीडियो कॉल के जरिए बात कराई गई, तो सबकी आंखों से आंसू छलक पड़े। 13 साल बाद मां ने अपने 'राजा' को पहचान लिया।

ईंट भट्ठा छोड़ भागी-भागी आई मां 

बेटे के मिलने की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल के ईंट भट्ठे में मजदूरी कर रही मां मानी गोप काम छोड़कर तुरंत गांव लौट आईं। आर्थिक तंगी और राशन कार्ड जैसी सुविधाओं से वंचित मानी गोप पिछले कई वर्षों से अपनी चार बेटियों के साथ बंगाल में मजदूरी कर रही थीं। 
 
उन्होंने रुंधे गले से कहा क‍ि हमें तो लगा था कि राजा अब कभी नहीं मिलेगा, लेकिन भगवान ने मेरा बेटा लौटा दिया। सोनुवा पुलिस अब राजा गोप को केरल से सुरक्षित वापस लाने की कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटी है। 
 
गांव के लोग अपने चहेते फुटबॉल खिलाड़ी और गांव के बेटे का स्वागत करने के लिए पलकें बिछाए बैठे हैं। 
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हांडिमारा गांव का युवक राजा गोप की मां व बहने।