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झींकपानी चाईबासा सीमेंट कारखाना बचाने की PM से भावुक अपील, सेवानिवृत्त GM की पत्नी ने लिखा पत्र

Published: Wed, 24 Jun 2026 10:17 PM (IST)

सेवानिवृत्त महाप्रबंधक की पत्नी किरण सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर झींकपानी स्थित चाईबासा सीमेंट कारखाने को पुनर्जीवित करने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. चाईबासा सीमेंट कारखाना पुनर्जीवित करने की मार्मिक अपील।

  2. खनन पट्टों की कानूनी अड़चनें दूर करने का आग्रह।

जागरण संवाददाता, चाईबासा। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित चाईबासा सीमेंट कारखाने को स्थायी रूप से बंद करने के निर्णय पर फिर से विचार की मांग तेज हो गई है। 
 
कारखाने के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक (HR) सुरेंद्र सिंह की पत्नी वाराणसी निवासी किरण सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भावुक पत्र लिखकर इसे पुनर्जीवित करने की मार्मिक अपील की है।
 

हजारों परिवारों और आदिवासी समाज की जीवनरेखा 

किरण सिंह ने अपने पत्र में इस संयंत्र को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, आदिवासी समाज और हजारों परिवारों की जीवनरेखा बताया है। उन्होंने लिखा कि उनके पति ने इस कारखाने में 38 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। 
 
उन्होंने इस उद्योग को केवल एक व्यावसायिक इकाई नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार बनते देखा है। 
 
पत्र में वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा किए गए विस्तारीकरण का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया क‍ि तब 4,000 टन क्षमता की क्लिंकर इकाई स्थापित होने से उत्पादन बढ़ा था और करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिला था। 
 

प्रशासनिक अड़चनें दूर करे केंद्र व राज्य सरकार  

संयंत्र परिसर में बने 900 आवासीय क्वार्टर आज भी इसकी मजबूत संरचना की गवाही देते हैं। किरण सिंह ने प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए लिखा कि खनन पट्टों (Mining Leases) के नवीनीकरण से जुड़ी कानूनी समस्याएं ही इस बंदी का मुख्य कारण रही हैं। 
 
उन्‍होंने यह भी लिखा क‍ि यदि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर साझा प्रयास करें, तो इस समस्या का समाधान पूरी तरह संभव है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और आदिवासी विकास की भावना के अनुरूप इस उद्योग को दोबारा चालू कराने की मांग की।
 

विदा होने से पहले कारखाने में लौट आए जीवन 

पत्र के अंत में किरण सिंह ने लिखा कि इस कारखाने की आवाज ने उनके परिवार का पालन-पोषण किया और आज इसे खामोश देखकर उनका मन दुखी है। 
 
उन्होंने प्रधानमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा क‍ि हमारी पीढ़ी के इस दुनिया से विदा होने से पहले, चाईबासा सीमेंट कारखाने में एक बार फिर जीवन, रोजगार और उम्मीदों की गूंज लौटाई जाए। 
 
उन्होंने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए अपनी बात समाप्त की।