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चाईबासा में स्थापित होगी 'वारंग क्षिति' लिपि के जनक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की प्रतिमा, नगर परिषद बोर्ड ने दी मंजूरी

Published: Mon, 21 Sep 2026 04:37 PM (IST)

चाईबासा नगर परिषद ने 'हो' भाषा और 'वारंग क्षिति' लिपि के जनक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है।

चाईबासा के आरके जैन पेट्रोल पंप के कॉर्नर पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

चाईबासा के आरके जैन पेट्रोल पंप के कॉर्नर पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

HighLights

  1. चाईबासा में ओत गुरु कोल लाको बोदरा की प्रतिमा स्थापित होगी।

  2. नगर परिषद ने 107वीं जयंती पर प्रतिमा स्थापना प्रस्ताव पारित किया।

  3. यह 'हो' भाषा और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण सम्मान है।

जासं, चाईबासा। 'हो' भाषा और 'वारंग क्षिति' लिपि के जनक, महान भाषाविद एवं समाज सुधारक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की स्मृति को चाईबासा शहर में अब एक स्थायी और ऐतिहासिक पहचान मिलने जा रही है। 
 
उनकी 107वीं जयंती के पावन अवसर पर चाईबासा नगर परिषद की पांचवीं बोर्ड बैठक में शहर के आरके जैन पेट्रोल पंप के कॉर्नर पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
 
नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी संतोषिनी मुर्मू, उपाध्यक्ष विकास कुमार शर्मा, सभी वार्ड पार्षद, नगर परिषद कर्मी तथा विद्युत एवं स्वच्छता विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

हरिगुटू स्थित आदिवासी हो समाज कला एवं संस्कृति भवन सहित विभिन्न स्थानों पर 107वीं जयंती मनाए जाने के साथ ही इस फैसले की खबर से हो भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
 
प्रतिमा स्थापना के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिलने पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा की ओर से नगर परिषद अध्यक्ष, कार्यपालक पदाधिकारी और सभी बोर्ड सदस्यों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया गया। 
 
युवा महासभा के पदाधिकारियों ने एक विशेष बैठक आयोजित कर ओत गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस फैसले को उनकी महान विरासत को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
 
युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपील सामड ने कहा कि ओत गुरु कोल लाको बोदरा ने हो समाज को भाषा, संस्कृति, शिक्षा और 'वारंग क्षिति' लिपि देकर एक विशिष्ट सामाजिक पहचान प्रदान की। 
 
उनकी लिपि आज समाज की अमूल्य धरोहर है। चाईबासा में उनकी प्रतिमा की स्थापना से न केवल उनकी स्मृतियों को सम्मान मिलेगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों, इतिहास और समाज सेवा के संकल्पों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगी।
 
आभार कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभा में युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपील सामड, सचिव रवि बिरुली, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र पूर्ति, सोमा जेराई, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष वीर सिंह बिरूली, पूर्व मुखिया नटवरलाल बिरुवा, महिला महासभा अध्यक्ष अंजू सामड, जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुवा, जिला सचिव ऑयबन हेंब्रम और कोषाध्यक्ष सत्यव्रत बिरुवा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।