यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जमीन विवाद में चाचा ने भतीजे की ले ली जान
चाचा ने तीन बेटों और पड़ोसी के साथ मिलकर अपने सगे भतीजे को मार डाला। घटना झारखंड के चाईबासा की है।

जागरण संवाददाता, चाईबासा। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गंजड़ा गांव में चाचा ने अपने तीन बेटों और पड़ोसी के साथ मिलकर अपने सगे भतीजे मंगल गोप (45) को लाठी-डंडा से पीट-पीट कर मार डाला। हमलावरों ने मंगल की पत्नी और दो भाइयों वीर सिंह गोप और बैदू गोप की भी जान लेने की कोशिश की, मगर उन लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना मंगलवार की शाम सात बजे की है।
पुलिस को बुधवार की सुबह इस हत्याकांड की सूचना दी गई। पुलिस ने गांव जाकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही, हत्या के आरोप में चाचा वकील गोप, उसके बेटे कन्हैया लाल गोप, हरीचरण गोप, कृष्णा गोप और पड़ोसी मारकंडेय बोयपाई को गिरफ्तार कर थाने ले आई।
मुफ्फसिल थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि घर की जमीन के बंटवारे को लेकर काफी समय से दोनों परिवारों के बीच में विवाद चल रहा है। वकील गोप जब भी नशा करता है तो जमीन के लिए लड़ने लगता है।
मंगलवार को आरोपियों ने पहले घर में बैठकर शराब पी। इसके बाद शाम 6.30 बजे मंगल के घर पहुंच गए। वहां से मंगल को घसीटकर अपने घर में ले आए। पत्नी ने बचाने की कोशिश की तो उसे भी पीट दिया। इसके बाद मंगल को यहां आंगन में लाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए और लाठी डंडा से पीटने लगे। इधर, मंगल की पत्नी घटना की जानकारी वीर सिंह और बैदू को दी तो दोनों भाई को बचाने वकील के घर पहुंच गए। वकील और उसके बेटों ने इन दोनों को भी घेर लिया और पीटना शुरू दिया। वीर सिंह किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला मगर बैदू को इन लोगों ने पकड़ लिया और एक पेड़ से रस्सी के सहारे हाथ-पांव बांध दिए। फिर वीर सिंह के सामने ही मंगल को दोबारा पीटना शुरू कर दिया। उसे अधमरा करने के बाद सभी पास में बैठ गए। मंगल रात भर दर्द और प्यास से तड़पता रहा मगर शरीर बंधा होने के कारण वीर सिंह उसे पानी नहीं पिला पाया। अंत में उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
हमलावर वीर सिंह की भी हत्या करना चाहते थे मगर वो रस्सी खोल किसी तरह भागने में सफल हो गया। मंगल की पत्नी और देवरों ने दूसरे के घर में किसी तरह छिपकर जान बचाई। सुबह होने पर हत्यारे फरार होने की कोशिश कर रहे थे। तभी गांव वाले वहां पहुंच गए और पांचों हत्यारोपियों को एक कमरे में बंद कर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पाचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
