संवाद सहयोगी, चाईबासा : पश्चिम ¨सहभूम के मनरेगा कर्मी बुधवार से हड़ताल पर चले गये जिससे भारत सरकार की बहुउद्देशीय मनरेगा योजना का कार्य रुक गया है। बुधवार को सदर प्रखंड कार्यालय के सामने सदर प्रखंड मनरेगा कर्मियों ने धरना दिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए सदर प्रखंड मनरेगा संघ के अध्यक्ष शंभु गोप ने कहा कि पूरे राज्य के मनरेगा कर्मी झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आहवान पर अपनी मांगों को लेकर 11 से 13 सितंबर तक सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। इसकी जानकारी उपायुक्त, उप विकास आयुक्त समेत सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में विगत 11 वर्षों से मनरेगा कर्मी अपनी सेवा लगातार ग्रामीण विकास विभाग एवं केन्द्र सरकार के अति महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा में देते आ रहे हैं तथा इस बीच मनरेगा कर्मी अपने जीवन काल का अति महत्व समय विभाग को दिया है। बदले में अति अल्प मानदेय एवं जिल्लत भरी ¨जदगी के अलावा कुछ नहीं मिला। कई बार लिखित एवं मौखिक रुप से मनरेगा कर्मियों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आवेदन दिया। लेकिन आज तक कोई जानकारी भी नहीं लिया। जिससे मनरेगा कर्मी काफी आक्रोशित है। इस दौरान मनरेगा आयुक्त से औपचारिक वार्ता भी हुई थी, जिसमें हमारी मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला था। लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं आने से मजबूरी में तीन दिन का सांकेतिक हड़ताल में जा रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री व ग्रामीण विकास मंत्री आवास घेराव करने का प्रस्ताव संघ ने पास किया है। इसके बाद भी सरकार हमारी मांग नहीं मानी तो सभी मनरेगा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जायेंगे। इस मौके पर रमेश लोहार, रोहित मिस्त्री, मोहन दास, तरुण कुमार, बासूदेव दास, पुरोषोत्तम गोप, मंजू बानरा, लक्ष्मी कुमारी, रोहित कुमार राम, मांझी बोदरा, शुरुमनी पुरती, लक्ष्मी मछुवा, मनोज ¨सकू, दिपेश सोनकर, बबिता कुमारी, नीलम कच्छप समेत अन्य मौजूद थे।

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