यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर : कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी, चक्रधरपुर के मार्फत झार

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर : कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी, चक्रधरपुर के मार्फत झारखंड के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रघुवर सरकार के निर्देश के आलोक में मुख्य सचिव द्वारा 12 मई को निर्गत अवैध, संदेहास्पद जमाबंदी का अभियान चलाकर जांच करने एवं समयबद्ध प्रभावकारी कदम उठाते हुए अवैध जमाबंदी को रद करने की प्रक्रिया एवं सीएनटी एवं एसपीटी एक्ट संशोधन हेतु अध्यादेश को आदिवासी-मूलवासी के व्यापक हित में निरस्त करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड सरकार द्वारा निर्देशित और मुख्य सचिव राजबाला वर्मा द्वारा निर्गत पत्र में आदिवासियों की जमीन को षड्यंत्र के तहत भूमि बैंक के रूप में अधिगृहित कर आदिवासियों की परंपरा, सामूहिक-सामाजिक कार्यक्रम को नष्ट करने की पहल है। निर्गत पत्र में कहीं भी आदिवासी परामर्शदात्री परिषद की सहमति का उल्लेख नहीं है। जबकि झारखंड पांचवीं अनुसूचि राज्य के अंतर्गत आता है और पश्चिमी ¨सहभूम अनुसूचित जिला है। कहा जा सकता है कि झारखंड सरकार व मुख्य सचिव संविधान के अनुच्छेद 244 का उल्लंघन कर रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सन्नी ¨सकू, महासचिव राहुल आदित्य, सचिव शैली शैलेन्द्र ¨सकू, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सामड, क्रीडा प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुरा लागुरी, निगरानी समिति के अध्यक्ष लोकनाथ निषाद, शाह आजम शामिल रहे। कांग्रेस ने ज्ञापन की प्रतिलिपि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड प्रदेश अध्यक्ष को भी प्रेषित की है।
