कोल्हान विवि में पेंशन व बकाये को लेकर सेवानिवृत्त शिक्षकों का धरना, VC बोलीं- बजट मिलते ही होगा भुगतान
कोल्हान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों ने पेंशन भुगतान में देरी, महंगाई राहत और अन्य वित्तीय लाभों को लेकर धरना दिया। ...और पढ़ें

केयू के सेवानिवृत्त शिक्षकों ने ग्रेच्युटी समेत अन्य लंबित वित्तीय लाभों के विरोध में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया।
HighLights
कुलपति ने बजट मिलने पर लंबित भुगतान का शीघ्र आश्वासन दिया।
शिक्षकों ने ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट व कार्यालय कक्ष की मांग की।
जासं, चाईबासा। कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) के सेवानिवृत्त शिक्षकों ने पेंशन भुगतान में देरी, महंगाई राहत (DR) में वृद्धि और ग्रेच्युटी समेत अन्य लंबित वित्तीय लाभों के विरोध में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया।
कोल्हान विश्वविद्यालय रिटायर्ड टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता तत्काल धरना स्थल पर पहुंचीं और शिक्षकों से मांग पत्र प्राप्त कर उनकी समस्याएं सुनीं।
पेंशन और लंबित वित्तीय लाभों पर जताई आपत्ति
संगठन के महासचिव डॉ. जयंत ने कहा कि कुलाधिपति के निर्देशों और कुलपति के आश्वासनों के बावजूद सेवानिवृत्त शिक्षकों को महीने के पहले कार्यदिवस पर पेंशन नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने कार्यरत शिक्षकों के वेतन के बाद पेंशन जारी करने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। महासचिव ने बताया कि झारखंड सरकार के वित्त विभाग के संकल्प के बावजूद 1 जनवरी से प्रभावी 2 प्रतिशत महंगाई राहत की वृद्धि का लाभ जुलाई की पेंशन के साथ नहीं दिया गया।
इसके अलावा, हाल के महीनों में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों की ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण) और अन्य वित्तीय लाभ भी अटके हुए हैं।
बुजुर्ग शिक्षकों को बकाये के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शिक्षकों की सुविधा के लिए 'लाइफ सर्टिफिकेट' ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
संगठन के लिए कार्यालय कक्ष आवंटित करने की मांग
डॉ. जयंत ने बताया कि एसोसिएशन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संगठन के विधिवत पंजीकरण की जानकारी देते हुए कुलपति से मुख्य संरक्षक बनने का अनुरोध किया।
साथ ही, संगठन की नियमित गतिविधियों के संचालन के लिए चाईबासा या जमशेदपुर में एक कार्यालय कक्ष आवंटित करने का आग्रह किया।
आंतरिक स्रोतों से किया जा रहा पेंशन का भुगतान: कुलपति
शिक्षकों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल के तीन वर्षों और उसके बाद लंबी अवधि तक नियमित कुलपति न होने के कारण कई कार्य लंबित रह गए थे, जिनका अब निस्तारण किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार से आवंटन न मिलने के बावजूद आंतरिक स्रोतों से पेंशन का नियमित भुगतान किया जा रहा है।
महंगाई राहत और अन्य लंबित मामलों पर तेजी से काम जारी है, और सरकार से बजट प्राप्त होते ही सभी लंबित भुगतानों का समय पर निपटारा कर दिया जाएगा। अन्य मांगों पर भी नियमानुसार सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
