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Jharkhand Education System: झींकपानी मॉडल स्कूल में एक शिक्षक के भरोसे 84 विद्यार्थी, गुहार लेकर DC दफ्तर पहुंचे बच्चे

Published: Tue, 01 Sep 2026 09:19 PM (IST)

पश्चिम सिंहभूम के झींकपानी मॉडल स्कूल में शिक्षकों की कमी से परेशान 84 छात्रों में से 32 समाहरणालय पहुंचे। एक शिक्षक के भरोसे चल रही पढ़ाई से सिलेबस अधूरा है।

32 छात्र-छात्राएं मंगलवार को अपनी पढ़ाई सुचारु कराने की मांग को लेकर 15 किलोमीटर बस का सफर तय कर समाहरणालय पहुंचे।

32 छात्र-छात्राएं मंगलवार को अपनी पढ़ाई सुचारु कराने की मांग को लेकर 15 किलोमीटर बस का सफर तय कर समाहरणालय पहुंचे।

HighLights

  1. 6 महीने में भी पूरा नहीं हुआ पाठ्यक्रम।

  2. DEO ने 2-3 दिन में शिक्षक देने का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम जिले के झींकपानी मॉडल स्कूल में शिक्षकों की घोर कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। 
 
स्कूल में नियमित कक्षाएं न चलने से परेशान 32 छात्र-छात्राएं मंगलवार को अपनी पढ़ाई सुचारु कराने की मांग को लेकर 15 किलोमीटर बस का सफर तय कर समाहरणालय पहुंचे।
 

6 महीने में भी नहीं पूरा हुआ सिलेबस 

छात्रों ने बताया कि झींकपानी मॉडल स्कूल में कक्षा 7वीं से 10वीं तक कुल 84 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन पूरी पढ़ाई महज एक शिक्षक के भरोसे चल रही है। 
 
शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग छह महीने का समय बीत चुका है, लेकिन किसी भी विषय का पाठ्यक्रम सुचारु रूप से पूरा नहीं हो सका है। इससे परीक्षा और भविष्य को लेकर छात्र बेहद चिंतित हैं।
 

पहले भी लगा चुके हैं गुहार, नहीं हुआ समाधान 

विद्यार्थियों ने बताया कि वे इससे पहले भी निवर्तमान उपायुक्त से मिलकर शिक्षकों की कमी दूर करने की गुहार लगा चुके हैं। उस समय आश्वासन तो मिला। 
 
लेकिन धरातल पर स्थिति नहीं बदली। आखिरकार परेशान होकर बच्चों को दोबारा 15 किलोमीटर दूर समाहरणालय आना पड़ा।
 
मामले की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) प्रिंस कुमार ने बच्चों को अपने चेंबर में बुलाया और उनकी समस्याएं सुनीं। 
 
उन्होंने बच्चों को आश्वस्त किया कि 2 से 3 दिनों के भीतर एक विज्ञान और एक सामाजिक विज्ञान के शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर दी जाएगी। साथ ही शनिवार तक एक अंग्रेजी शिक्षक की भी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
 

भवन बना पर आवासीय व्यवस्था ठप, वार्डन तक नहीं 

छात्रों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्कूल के आवासीय परिसर की बदहाली से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मॉडल स्कूल का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है। 
 
लेकिन वार्डन की नियुक्ति तक नहीं की गई है। आवासीय सुविधा न मिलने के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को प्रतिदिन अपने साधनों से आना-जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।