त्रिवेणी अवस्थी, चाईबासा : इस महंगाई में जहां आपको पांच रुपये में भरपेट भोजन मिल जाए तो क्या कहने? मीनू में सिर्फ एक सब्जी, दाल और 200 ग्राम चावल। पेट भरने के लिए पर्याप्त है। सरकार की यह योजना गरीबों के लिए असरकारक है। चल भी रही है। लेकिन जिस भवन में चल रही है वह जर्जर हो चुका है। कभी भी बड़ा हादसा होने की संभावना से कतई रोका नहीं जा सकता है। यदि प्रशासनिक अधिकार समय से चेत जाएं तो हादसा होने से टल सकता है।

हम बात कर रहे हैं सदर प्रखंड में स्थित दाल-भात केंद्र की। यहां रोजाना 300 या इससे अधिक लोग हर दिन भूख मिटाने के लिए पहुंचते हैं। आज पूरा तरह से जर्जर हो चुका है। यह भवन कभी भी धराशायी हो सकता है। यह जर्जर भवन है उसी कैंपस में है जिसमें सदर अंचलाधिकारी व सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी का कार्यालय है। अंचलाधिकारी व बीडीओ के नए कार्यालय का अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है। उसी के ठीक बगल में रोशनी महिला मंडल की ओर से मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र चलता है।

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200 ग्राम करने दिया जाता है चावल

प्रति व्यक्ति 200 ग्राम चावल दिया जाता है। इसके ऊपर लेने पर अलग से पैसा देना पड़ता है। इसके अलावा अंडा करी, मछली व चिकन लेने पर इसका भुगतान अलग से करना पड़ता है।

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ग्राहकों को सता है डर

यहां खाना खाने आए ग्राहकों को सदैव भय सताता रहता है कि कहीं केंद्र धराशाही न हो जाए। केंद्र की छत का प्लास्टर टूट चुका है। अब सरिया (छड़) दिखाई देने लगी है। पिछले वर्ष खाना खाने के समय अचानक आई बारिश से कुछ लोग इसके नीचे आकर खड़े हो गए थे। इसी दौरान छत से प्लास्टर टूटकर गिर गया था। जिसमें दो बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए थे।

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मरम्मत के लिए कई बाद किया आवेदन

हादसे की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई था। मरम्मत के लिए कई बार कहा गया लेकिन कोई भी सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसके बाद जर्जर भवन के बगल में टीना शेड लगाकर उसी के नीचे खाना बनाया जाता है। रात में जर्जर भवन में खाना बनाने वाले बर्तनों तथा कुछ सामग्री रख दी जाती है। दाल-भात केंद्र संचालिका ने सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी को इस बाबत कई बार अवगत कराया लेकिन बार-बार आश्वासन की घुट्टी मिल रही है।

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सदर प्रखंड स्थित मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र की स्थिति बहुत ही जर्जर है। छत का प्लास्टर टूट गिर चुका है। भवन में सिर्फ सब्जी व बर्तन रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पिछले वर्ष बारिश के समय प्लास्टर टूटने से दो बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। भवन कब गिर जाय हमेशा डर बना रहता है।

-रासमती दासव्या, मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र संचालिका सदर प्रखंड।

Posted By: Jagran

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