जगन्नाथपुर में मानव तस्करी का भंडाफोड़: डालसा और पुलिस ने 1 घंटे में ढूंढ निकाली लापता बच्ची, एक महिला गिरफ्तार
पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। डालसा और पुलिस ने त्वरित ...और पढ़ें

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को जानकारी देते पीडि़त अभिभावक।
HighLights
डालसा-पुलिस ने तमिलनाडु जाने से पहले बच्ची को बचाया।
रोजगार के बहाने बच्चियों को बाहर भेजने वाली महिला गिरफ्तार।
संवाद सूत्र, जगन्नाथपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले में नाबालिग बच्चियों को रोजगार का झांसा देकर बाहर भेजने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग बच्ची को तमिलनाडु भेजे जाने से ठीक पहले चाईबासा के एक होटल से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने सपना कोड़ा नामक महिला को हिरासत में लिया है।
डालसा और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब जैंतगढ़ के मुंडुई गांव की एक महिला ने पीएलवी प्रमिला पात्रो को सूचना दी कि उसकी बेटी को टोटकासाई निवासी सपना कोड़ा बहला-फुसलाकर बाहर ले जा रही है। योजना के मुताबिक, बच्ची को चाईबासा में मुख्य बिचौलिया अंजलि लागुरी को सौंपा जाना था, जहां से उसे तमिलनाडु भेजा जाता।
मामले की गंभीरता देखते हुए डालसा सचिव रवि चौधरी और जगन्नाथपुर थाना प्रभारी टिंकू कुमार दास ने जाल बिछाया। सदर थाना चाईबासा के सहयोग से पुलिस ने बस स्टैंड स्थित एक होटल में छापेमारी की और महज एक घंटे के भीतर बच्ची को बरामद कर लिया।
बिचौलियों का नेटवर्क और जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह क्षेत्र की अन्य गरीब बच्चियों को भी अपना निशाना बनाने की फिराक में था। हिरासत में ली गई महिला सपना कोड़ा से पूछताछ की जा रही है।
ताकि गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। बच्ची को फिलहाल सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डालसा और पुलिस की इस सक्रियता की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है, क्योंकि समय रहते सूचना मिलने से एक मासूम का भविष्य अंधकार में जाने से बच गया।
