जासं, चाईबासा : चाईबासा शहर के अंदर सवारी बड़े से छोटे वाहन प्रवेश किये तो दंडात्मक कार्रवाई के लिए वाहन ऑनर तैयार रहे। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। क्योंकि आए दिन शहर के अंदर बड़े वाहनों का प्रवेश होने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इन्हीं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला परिवहन विभाग ने गुरुवार को समाहरणालय स्थित डीटीओ कार्यालय में सिंहभूम ऑनर एसोसिएशन की बैठक जिला परिवहन पदाधिकारी केके राजहंस ने बैठक की। बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी शशींद्र कुमार बड़ाईक व ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजेश टुडू उपस्थित थे। केके राजहंस ने बैठक में बताया कि सभी सवारी बड़े व छोटे वाहन अब शहर के अंदर से प्रवेश नहीं करेंगे। यह आदेश शुक्रवार से लागू हो जाएगा। सभी यात्री वाहनों को टाटा-झींकपानी बाईपास होकर करना होगा आना-जाना। अगर शहर के अंदर प्रवेश करते पकड़े जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी को सड़क सुरक्षा अधिनियम का पालन करना होगा। सिंहभूम बस ऑनर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि चाईबासा में सरकारी व प्राइवेट बस स्टैंड का नगर परिषद चाईबासा की ओर से 3 से 4 बार डीपीआर बनकर तैयार हुआ, लेकिन बाद में ठंडे बस्ते में चला गया जबकि नगर परिषद चाईबासा की ओर से दोनों बस स्टैंड मिलाकर 38 लाख रुपये सालाना वसूली किया जा रहा है। लेकिन इसमें एक पैसा खर्च नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि दोनों बस स्टैंड में ढंग का यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था तक नहीं है और ना ही सवारियों के लिए बैठने की व्यवस्था है, जो भवन है भी तो वह इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी गिर सकता है। इसलिए वहां पर कोई जाना नहीं चाहता है। सिंहभूम बस ऑनर के पदाधिकारियों ने सरकारी व प्राइवेट बस स्टैंड को मिलाकर बनाने की मांग की है। बैठक में सिंहभूम बस ऑनर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मो. बारीक, सचिव दिलीप अग्रवाल, मोहन लाल राठौर, अशोक दास, सचिन अग्रवाल, जितेंद्र भगत आदि उपस्थित थे।

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