संवाद सूत्र, नोवामुंडी : नोवामुंडी प्रखंड के बड़ापासेया पंचायत में पंचायत भवन के अभाव में पुराने एवं जर्जर भवन में पंचायत स्तरीय योजनाओं का काम चल रहा है। ग्रमीणों के अनुसार वर्ष 2013-14 में विशेष प्रमंडल चाईबासा की ओर से करीब 20 लाख की लागत से बड़ापासेया में नये पंचायत भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। सात साल गुजरने के बाद भी निर्माण कार्य अपूर्ण रहने के कारण स्थानीय मुखिया बामिया लागुरी को पंचायत भवन हैंड ओवर नही किया जा सका है। पंचायत भवन विशेष प्रमण्डल के तत्कालीन कनिय अभियन्ता सतीश सिंह के देखरेख में शुरु हुआ था लेकिन आज कई वर्ष बाद अर्दनिर्मित पंचायत भवन में कई जगह दरार पड़ चुकी है। यही नहीं ग्रमीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा भवन का दूसरा तल्ला बिना पिलर के खड़ा किया गया है। भवन में खिड़की दरवाजे का कार्य आधा अधूरा पड़ा है। पंचायत भवन में विद्युत और पानी की व्यवस्था तो दूर की बात है। रंग रोगन तक नहीं किया गया है। ऊपर जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ रहा है। जिस पंचायत भवन कि स्थिति इतनी बद्दतर है तो उस पंचायत के विकास कैसे होग? ये अपने आप मे एक सवाल बन गया है। पंचायत क्षेत्र में आए दिन सांसद व विधायक के साथ ही सरकारी अधिकारियों का भी आना जाना लगा रहता है।बावजूद आधे अधूरे और लूट खसोट का शिकार पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराने की दिशा में किसी के द्वारा कोई सार्थक पहल नही की गई है। फलस्वरूप बड़ापासेया ग्राम पंचायत के मुखिया बामिया लागुरी पुराने एवं जर्जर पंचायत भवन में कार्यरत रह कर अपने पंचायत के सात टोलो के करीब 3 हजार आबादी को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने को मजबूर हैं। समाज सेवी सह झामुमो नेता मनोज लागुरी ने विवादित पंचायत भवन में हुए लूट खसोट एवं आपसी बन्दरबांट की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कारवाई करते हुए पंचायत भवन निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन स्थानीय मुखिया बामिया लागुरी को हैंडओवर करने की मांग की है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस