120 करोड़ की लागत... 6 महीने में ही उखड़ी सड़क, झारखंड में घटिया निर्माण ने खोली विभाग की पोल
गोइलकेरा-सेरेंगदा के बीच 120 करोड़ की लागत से बनी 30 किमी सड़क 6 महीने में ही उखड़ने लगी है, जिससे पथ निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है।

6 महीने में ही उखड़ी सड़क
HighLights
गोइलकेरा-सेरेंगदा सड़क 120 करोड़ की लागत से बनी।
सड़क 6 महीने में ही उखड़ने और धंसने लगी।
घटिया निर्माण पर विभाग की जांच पर सवाल।
संवाद सूत्र,गोइलकेरा। गोइलकेरा से सेरेंगदा के बीच बन रही 30 किमी लंबी सड़क की गुणवत्ता ने पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल मनोहरपुर में फैले भ्रष्टचार की पोल खोल दी है। करीब 120 करोड़ रूपये की लागत वाली सड़क बनने के साथ ही उखड़ने और धंसने लगी है।
गोइलकेरा के बारा, तामसाई, होरो और सारूगड़ा में सड़क के धंसने से स्थानीय लोगों ने विभागीय अभियंताओं और ठेकेदार की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं।
सड़क की दुर्गति शुरू
बता दें कि चार साल पहले सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसमें फाइनल लेयर का डामर बिछाने का कार्य अधिकांश हिस्सों में कुछ महीने पहले ही पूरा हुआ है। लेकिन घटिया निर्माण के कारण सड़क की दुर्गति शुरू हो गई है।
ओरेंगा के ग्रामीण मुंडा पंडरा कमरगांव ने बताया कि सड़क पर गुणवत्ता बिल्कुल नहीं है। लेकिन अफसरों को यह दिखाई नहीं देता। स्थानीय लोगों की आवाज भी अनसुनी की जा रही है। समाजसेवी बुधवा कमरगांव ने कहा है छह महीने में ही गोइलकेरा से सेरेंगदा तक सड़क जगह जगह धंस गई। इसकी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
जांच में क्लीन चिट देकर फंसे अधिकारी
गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने पर स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया था। जिसके बाद रांची से आई अभियंताओं की टीम ने जांच की और ठेकेदार को क्लीन चिट दे दिया। लेकिन क्लीन चिट देने के बाद ही सड़क उखड़ने और धंसने लगी। जिससे विभाग की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सारुगढ़ा में सड़क काटी, मार्ग अवरुद्ध
गोइलकेरा-सेरेंगदा के बीच सारुगड़ा नाले पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके लिए ठेकेदार ने सड़क को काट दिया। लेकिन आवागमन के वैकल्पिक मार्गों (डायवर्सन) का निर्माण नहीं कराया। जिससे कई गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा सड़क संपर्क कट गया है।
