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गोइलकेरा में हाथियों का आतंक:बुरूदुईया में दो घर ढहाए, जान बचाने को जंगल की ओर भागे ग्रामीण

Published: Tue, 07 Apr 2026 09:44 PM (GMT+05:30)

गोइलकेरा के बुरूदुईया गांव में हाथियों का आतंक जारी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। सोमवार रात एक हाथी ने ...और पढ़ें

बुरूदुईया गांव में हाथी ने आक्रमण कर क्षतिग्रस्‍त कर डाला घर।

बुरूदुईया गांव में हाथी ने आक्रमण कर क्षतिग्रस्‍त कर डाला घर।

HighLights

  1. बुरूदुईया गांव में हाथियों ने दो घर ध्वस्त किए।

  2. वन विभाग की सुस्ती से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ा।

संवाददाता सूत्र, गोइलकेरा। गोइलकेरा प्रखंड की कुईडा पंचायत के बुरूदुईया गांव में हाथियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार रात करीब नौ बजे एक हाथी ने गांव में घुसकर भारी तबाही मचाई, जिससे ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।
 

बाल-बाल बचे परिजन, घर क्षतिग्रस्त

हाथी ने सबसे पहले ग्रामीण जूरे कोड़ाह के घर पर हमला बोल उसे ध्वस्त कर दिया। जान बचाने के लिए परिवार के सभी सदस्य घर छोड़कर अंधेरे में ही जंगल की ओर भाग निकले। 
 
इसके बाद हाथी ने दीनबंधु कोड़ाह के घर के दरवाजे को तोड़ डाला। उस वक्त घर के भीतर दीनबंधु की पत्नी और बच्चे सो रहे थे, जिन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। 
 

प्रशासन से मदद की गुहार  

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व भी हाथियों ने रबुआकोचा और बेदडादुईया गांव में आनंद कोड़ाह के घर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। मंगलवार सुबह सूचना मिलते ही मुखिया डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई बुरूदुईया पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। 
 
उन्होंने तत्काल राहत के रूप में राशन की व्यवस्था कराई। मुखिया ने बीडीओ विवेक कुमार से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया और वन विभाग से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
 

वन विभाग की सुस्ती से ग्रामीणों में आक्रोश 

पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड इलाके में सक्रिय है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से हाथियों को खदेड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मुआवजे और सुरक्षा के अभाव में अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है।