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इटोर गांव में चार एकड़ पर आम्रपाली व मल्लिका आम की बागवानी करेंगे किसान

चक्रधरपुर प्रखंड में किसानों की आय बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से महिद्रा एंड महिद्रा कंपनी और लीड्स संस्था रांची के सहयोग से सृजन महिला विकास मचं संस्था ने मंगलवार को प्रखंड के सात किसानों के कुल चार एकड़ जमीन पर आम्रपाली और मल्लिका वेराइटी के फलदार आम के पौधे लगाए गए।

By JagranEdited By: Published: Tue, 24 Nov 2020 09:06 PM (IST)Updated: Tue, 24 Nov 2020 09:06 PM (IST)
इटोर गांव में चार एकड़ पर आम्रपाली व मल्लिका आम की बागवानी करेंगे किसान
इटोर गांव में चार एकड़ पर आम्रपाली व मल्लिका आम की बागवानी करेंगे किसान

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड में किसानों की आय बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से महिद्रा एंड महिद्रा कंपनी और लीड्स संस्था रांची के सहयोग से सृजन महिला विकास मचं संस्था ने मंगलवार को प्रखंड के सात किसानों के कुल चार एकड़ जमीन पर आम्रपाली और मल्लिका वेराइटी के फलदार आम के पौधे लगाए गए। पौधारोपण कार्य का शुभारंभ इटोर पंचायत के इटोर गांव में मुखिया लक्ष्मी कुरली, सिमिदिरी पंचायत के उप मुखिया जाकिर हुसैन, इटोर गांव का मुंडा लखन हेम्ब्रोम, संस्था की सचिव नरगिस खातून और परियोजना समन्वयक मोहम्मद इस्लाम अंसारी ने अपने हाथों से एक-एक पौधा लगा कर किया। इस दौरान मुखिया ने कहा कि समय की मांग है की वानस्पतिक संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाए जाएं। जिससे आने वाले पीढ़ी को पर्यावरण संतुलन की समस्या से जूझना नहीं पड़े। वहीं मुखिया ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एक तरफ जंगल माफियाओं द्वारा पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ संस्था के पहल से ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों के किसानों को पेड़ लगाने और पेड़ बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सृजन महिल विकास मंच की सचिव नरगिस खातून ने कहा कि पेड़-पौधे लगाना धार्मिक ग्रंर्थाें के अनुसार यज्ञ करने के बराबर है। एक पेड़ एक पुत्र से बढ़ कर होता है। जो बड़ा होकर हजारों लाखों लोगों को जीवन देने का काम करती है। हर मनुष्य को अपने जीवन काल में कम से कम दस पेड़ जरूर लगाना चाहिए। साथ उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में किसानों को अधिक फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की जरुरत है। आम बागवानी से क्षेत्र के किसान आत्मनिर्भार बनेंगे। मौके पर स्थानीय ग्रामीण व किसान उपस्थित रहे।

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