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अनोखी दास्तान: परिजनों ने जिसे मृत मानकर कर दिया था श्राद्ध, वह गोरखपुर जेल में निकला जीवित; मिली उम्रकैद

Published: Wed, 22 Jul 2026 06:39 PM (IST)

परिजनों द्वारा मृत मानकर अंतिम संस्कार किए गए दुगा मारला छह साल बाद गोरखपुर जेल में जीवित मिले हैं। उन्हें ...और पढ़ें

38 वर्षीय दुगा मारला वर्ष 2020 में अपनी बहन के घर सोनुआ प्रखंड के नुवागांव गया था।

38 वर्षीय दुगा मारला वर्ष 2020 में अपनी बहन के घर सोनुआ प्रखंड के नुवागांव गया था।

HighLights

  1. दुगा मारला छह साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था।

  2. परिजनों ने उसे मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।

  3. गोरखपुर जेल में हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा।

जागरण संवाददाता, गोइलकेरा । झारखंड के गोइलकेरा थाना क्षेत्र स्थित आराहासा पंचायत के बोरोई गांव से छह साल पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुआ दुगा मारला उर्फ दोगे जीवित है। 
 
परिजनों ने जिसे मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म तक कर दिया था, वह उत्तरप्रदेश की गोरखपुर जेल में बंद निकला है। उसे अदालत ने हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
 

2020 में अचानक गायब हो गया था दुगा

जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय दुगा मारला वर्ष 2020 में अपनी बहन के घर सोनुआ प्रखंड के नुवागांव गया था। वहीं से वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों को छोड़कर अचानक लापता हो गया। 
 
काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने उसे मृत मान लिया और परंपरा अनुसार उसका क्रियाकर्म कर दिया।

दुगा के गायब होने के बाद उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली, जबकि उसके बच्चों की परवरिश उसका भाई सेड़गा मारला कर रहा है।
 

हत्या के आरोप में गोरखपुर कोर्ट ने सुनाई सजा

बुधवार को परिजनों को सूचना मिली कि दुगा जीवित है और गोरखपुर की एक अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।

गोरखपुर में अपर सत्र न्यायाधीश नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुगा को आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा दी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 15 अक्टूबर 2021 की है। पिपराइच थाना क्षेत्र के उनौला दोयम निवासी महाजन रात में रेलवे स्टेशन के पास से गुजर रहे थे।
 
तभी दुगा मारला ने उनके सिर पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच के दौरान पुलिस ने दुगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
 

व्हाट्सएप मैसेज को समझा था फेक

परिजनों ने बताया कि अक्टूबर 2025 में उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया था, जिसमें दुगा के गोरखपुर जेल में बंद होने की बात कही गई थी। 
 
हालांकि, परिजनों ने इसे फेक मैसेज समझकर नजरअंदाज कर दिया था। अब अदालत का फैसला आने के बाद गांव और परिवार में दुगा के जीवित होने की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है।

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