संवाद सूत्र, जैंतगढ़ : नाबालिग बच्चियों का विवाह अवैध होने और इसके विरूद्ध कठोर कानून के बावजूद अभी भी कई नाबालिग बच्चियां रूढि़वादी समाज की भेंट चल रही हैं। चंपुआ में एक नाबालिग कन्या के विवाह को महिला संगठनों द्वारा रुकवाने के मामले को 15 दिन बाद भी नहीं हुए कि एक और नाबालिग बच्ची के विवाह का मामला सामने आया है जिसमें लड़का-लड़की दोनों नाबालिग हैं। घटना चंपुआ थाना अंतर्गत कालिका प्रसाद गांव की है । 12 जुलाई को सूरपतला निवासी जोगेंद्र पात्रों का विवाह कालिका प्रसाद की एक नाबालिग 17 वर्षीय कन्या के साथ हुआ था। जब इसकी खबर चाइल्डलाइन की बबीता स्वाइन को हुई तो दमयंती महतो, डी पात्रों आंगनबाड़ी सेविका लक्ष्मी आदि के साथ गांव पहुंची। वहां से पूरी जानकारी लेकर चंपुआ थाना से संपर्क किया। चाइल्ड लाइन और चंपुआ पुलिस की उपस्थिति में इस विवाह को अवैध मानते हुए नाबालिग कन्या को रेस्क्यू कर चंपुआ थाना लाया गया। जहां से थाना के आइआइसी मनोरंजन प्रधान ने उसे क्योंझर चाइल्डलाइन भेज दिया। इस प्रकार महिला संगठनों और चाइल्ड लाइन सदस्यों की तत्परता के कारण दो नाबालिग का जीवन बर्बाद होने से बच गया।

Posted By: Jagran

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