चाईबासा, जागरण टीम: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को टाटा कॉलेज मैदान में पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा की विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में नौजवानों को स्वरोजगार से जोड़ने के उपाय किये जाए।

विकास की रफ्तार को तेज करने की जरूरत

इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में नक्सल गतिविधियां थोड़ी ज्यादा हैं। ऐसे में यहां विकास को और तेज करने की जरूरत है। नौजवानों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने में अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं, ताकि वे भटकाव रास्ते पर ना जाएं।

पुलिसिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दिये निर्देश

इसके अलावा सीएम ने इन इलाकों में बेहतर पुलिसिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं और मजबूत करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कई बार मरीजों को चारपाई या किसी अन्य तरीके से घंटों पैदल चलकर अस्पताल ले जाने की खबरें सुनने को मिलती है। यह काफी चिंता की बात है। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसका अधिकारी पूरा ख्याल रखें।

अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को चुनौती के रूप में करें स्वीकार

सीएम ने कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करें, तभी बेहतर नतीजे मिलेंगे। राज्य के हर जिले में कम से कम 10 से 15 हजार कर्मी हैं। आप चाहे किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी हो, राज्य सरकार के अंग के रूप में कार्य कर रहे हैं। आप में दक्षता की कोई कमी नहीं है।

झारखंड के भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से भी भलीभांति वाकिफ हैं। अगर आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतर नतीजे आएंगे। आने वाले समय में सरकार विकास का कार्य और तेजी के साथ करेगी।

योजनाओं को समय पर पूरा करने का अधिकारियों को दिया टास्क

उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्ध योजना के लागू होने से पहले जिन बच्चियों ने स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी है, उनका डाटा एकत्रित कर इस योजना से जोड़ने की पहल करें। वहीं फरवरी तक सभी निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें। इसके लिए पंचायत स्तर पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर सत्यापन की व्यवस्था हो। 15 फरवरी 2023 तक 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य पात्रों को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें।

बच्चों का बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया 31 जनवरी तक पूरी कर ली जाए, ताकि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना की राशि डाली जा सके। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुक सरकार से मिली राशि का सदुपयोग कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी और निगरानी अधिकारी नियमित तौर से करें। किसान पाठशाला सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

नक्सल प्रभावित इलाके में सहाय योजना से 80 हजार खिलाड़ी जुड़े

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल गतिविधियों को सरकार बढ़ावा दे रही है। विशेषकर नक्सल प्रभावित इलाकों में सहाय योजना के तहत खेल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले दिनों पंचायत स्तर पर फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें लगभग 80 हजार खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। इसके साथ इन खिलाड़ियों को सरकार की ओर से 80 हजार किट्स भी बांटे गए।

Edited By: Mohit Tripathi

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