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चक्रधरपुर मंडल के रास्ते चलेगी संतरागाछी-प्रताप नगर स्पेशल ट्रेन, टाटानगर और राउरकेला में होगा ठहराव

Published: Sat, 24 Oct 2026 09:25 PM (IST)

दक्षिण पूर्व रेलवे ने त्योहारी भीड़ के लिए संतरागाछी-प्रताप नगर स्पेशल ट्रेन की घोषणा की है, जो चक्रधरपुर मंडल से ...और पढ़ें

संतरागाछी-प्रताप नगर स्पेशल से झारखंड, ओडिशा और अन्य राज्यों के यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

संतरागाछी-प्रताप नगर स्पेशल से झारखंड, ओडिशा और अन्य राज्यों के यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

HighLights

  1. संतरागाछी-प्रताप नगर स्पेशल ट्रेन त्योहारी भीड़ के लिए घोषित।

  2. चक्रधरपुर स्टेशन पर बोतलबंद पानी की भारी किल्लत।

  3. गुणवत्ता प्रतिबंध के बाद वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था अपर्याप्त।

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर । त्योहारी सीजन और यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ से निपटने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे ने चक्रधरपुर रेल मंडल के रास्ते संतरागाछी और प्रताप नगर के बीच एक स्पेशल ट्रेन (02834/02833) के संचालन की घोषणा की है। 
 
यह ट्रेन एक ट्रिप के लिए चलाई जाएगी, जिससे झारखंड, ओडिशा और अन्य राज्यों के यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
 
रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 02834 संतरागाछी-प्रताप नगर स्पेशल 28 अक्टूबर की रात 12:15 बजे संतरागाछी से प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 12:15 बजे प्रताप नगर पहुंचेगी। 
 
वापसी की दिशा में, ट्रेन नंबर 02833 प्रताप नगर-संतरागाछी स्पेशल 2 नवंबर की सुबह 07:35 बजे प्रताप नगर से खुलेगी और अगले दिन शाम 06:20 बजे संतरागाछी पहुंचेगी। 
 
दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में इस ट्रेन का ठहराव खड़गपुर, टाटानगर, चक्रधरपुर, राउरकेला और झारसुगुड़ा स्टेशनों पर प्रदान किया गया है।
 

चक्रधरपुर स्टेशन पर बोतलबंद पीने के पानी की किल्लत से यात्री परेशान 

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एक तरफ जहां स्पेशल ट्रेन चलने से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर बोतलबंद पीने के पानी की किल्लत ने यात्रियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। 
 
ट्रेन से उतरने के बाद यात्री पानी की तलाश में स्टॉलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लग रही है। सबसे खराब स्थिति प्लेटफार्म संख्या दो और तीन की है। 
 
जहां पानी उपलब्ध न होने के कारण लंबी दूरी के यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
 
सूत्रों के अनुसार, गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने के बाद रेलवे ने दो स्थानीय ब्रांड- 'अटलांटिक आइस' और 'आर्क्लिस'- की बिक्री पर रोक लगा दी है। 
 
16 अक्टूबर को मंडल के एसीएम द्वारा जारी पत्र में उपलब्ध स्टॉक को नष्ट करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, प्रतिबंध के बाद सुरक्षित वैकल्पिक ब्रांड (जैसे रेल नीर) की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने से संकट गहरा गया है। 
 
प्लेटफार्म संख्या एक पर लगी वॉटर वेंडिंग मशीन अपर्याप्त साबित हो रही है। यात्रियों और स्टॉल संचालकों का कहना है कि रेलवे को तुरंत सभी प्लेटफार्मों पर सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।