नेपाल में बेचते थे भारत से चोरी किए गए महंगे मोबाइल, चक्रधरपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश
पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स से 52 मोबाइल चोरी मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया ...और पढ़ें

चक्रधरपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश
HighLights
पश्चिमी सिंहभूम में 52 मोबाइल चोरी का मामला सुलझा।
बिहार के तीन आरोपी भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार।
चोरी के 21 मोबाइल फोन बरामद, गिरोह नेपाल में सक्रिय।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर स्थित रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में शटर उठाकर 52 मोबाइल चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में बिहार के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से चोरी के 21 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को नेपाल से पकड़ा गया है। यह गिरोह शटर काटकर या उठाकर दुकानों में चोरी करने के लिए कुख्यात है और हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों में सक्रिय रहा है।
विभिन्न कंपनियों के कुल 52 मोबाइल फोन चोरी
उन्होंने बताया कि पांच अक्टूबर 2026 को चक्रधरपुर थाना क्षेत्र स्थित रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का शटर उठाकर अज्ञात चोरों ने विभिन्न कंपनियों के कुल 52 मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे।
इस संबंध में चक्रधरपुर थाना कांड संख्या 111/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 303(2)/305(ए) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अलग-अलग छापामारी दल गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम अमित रेणु के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी और थाना प्रभारी के नेतृत्व में अलग-अलग छापामारी दल गठित किए गए। पुलिस टीमों ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान करते हुए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान इस कांड में पांच आरोपियों की संलिप्तता सामने आई, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी की गिरफ्तारी बिहार से सटे भारत नेपाल बॉर्डर पर हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मोतिहारी जिले के घोड़ासहन निवासी नितेश पटेल, पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल निवासी जितेंद्र साह उर्फ चोना और सुपौल जिले के राघोपुर निवासी गोविंद चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है।
नेपाल में बेचते थे चोरी के मोबाइल और महंगी घड़ियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्य महंगे मोबाइल फोन और बेशकीमती घड़ियों की चोरी करने के बाद उन्हें नेपाल में बेच देते थे। चोरी के मोबाइल में नेपाल के सिम कार्ड सक्रिय किए जाने के कारण पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी होती थी। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में वारदात को अंजाम देते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।
दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में मोतिहारी जिले के घोड़ासहन निवासी शेराज और आठमोहान निवासी संजय सहनी की संलिप्तता भी पाई है। दोनों की गिरफ्तारी और चोरी गए अन्य मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए सीआईडी की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया था।
छापामारी दल में पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षु अमित कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रमेश गिरि, रंजीत उरांव, पीएएन सुनील कुमार पांडेय और प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक राज किशोर तिवारी शामिल थे।
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